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अब रात में भी खुलेंगे महिलाओं के लिए रोजगार के दरवाज़े, सुरक्षा के साथ मिलेगी नाइट शिफ्ट की आज़ादी

December 10, 2025
in Uncategorized, उत्तराखंड
अब रात में भी खुलेंगे महिलाओं के लिए रोजगार के दरवाज़े, सुरक्षा के साथ मिलेगी नाइट शिफ्ट की आज़ादी
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उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

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रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने महिला सुरक्षा और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि पाली (Night Shift) में काम कर सकती हैं। इसके लिए विस्तृत नियम भी तय कर दिए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

रात्रि पाली में काम के लिए महिला कर्मचारी की सहमति जरूरी

नई अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी महिला कर्मचारी को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • रात्रि पाली में कार्य के लिए लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • यदि कोई महिला असहमति जताती है, तो नियोक्ता उसे मजबूर नहीं कर सकेगा।

नियोक्ता को श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को देनी होगी सूचना

रात्रि पाली में महिलाओं की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को दो जगह सूचना देना अनिवार्य रहेगा:

  • संबंधित श्रम अधिकारी
  • स्थानीय थाना प्रभारी

इससे प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।

महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पिक-अप और ड्रॉप सुविधा

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियोक्ता के लिए निम्न प्रावधान लागू होंगे:

  • घर तक पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
  • वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन अनिवार्य होंगे।
  • वाहनों और कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, थाना और चौकी के नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

ड्राइवर और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

रात्रि पाली में महिलाओं को लाने-ले जाने वाले ड्राइवर और परिचालक का
पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।

कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अनिवार्य

नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यस्थल पर:

  • सुरक्षित, संरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
  • शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनी रहें।
  • दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम की सभी धाराओं का पालन किया जाए।

लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 का सख्ती से पालन

नई अधिसूचना के अनुसार, कार्यस्थल पर POSH Act 2013 (लैंगिक उत्पीड़न—निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) के सभी प्रावधानों को लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगेगा CCTV

महिला सुरक्षा को और सख्त करते हुए, अधिसूचना में कहा गया है कि—

  • दुकान या प्रतिष्ठान के हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
  • कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए।

अधिसूचना श्रम सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जारी की

सरकार की इस पहल को महिला रोजगार बढ़ाने और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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