सीएम धामी बोले—“अर्द्धकुंभ 2027 होगा शानदार आयोजन”
बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने संत समाज को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन संतों की हर सलाह का सम्मानपूर्वक पालन करेगा। उन्होंने बताया कि अर्द्धकुंभ की औपचारिक शुरुआत 13 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति से होगी और इसके लिए तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
अखाड़ों ने किया महत्वपूर्ण निर्णय—पहली बार होंगे चार शाही अमृत स्नान
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (निरंजनी) के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि अखाड़े कुंभ परंपरा के वास्तविक संरक्षक हैं और 2027 का आयोजन देश ही नहीं बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही—पहली बार चार शाही अमृत स्नानों का निर्णय, जो कुंभ परंपरा में एक ऐतिहासिक विस्तार माना जा रहा है।
अर्द्धकुंभ 2027 की प्रमुख स्नान तिथियाँ (Official)
चार शाही अमृत स्नान
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6 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान)
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8 मार्च 2027 — सोमवती/फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान)
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14 अप्रैल 2027 — मेष संक्रांति/वैशाखी (तीसरा अमृत स्नान)
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20 अप्रैल 2027 — चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान)
अन्य महत्वपूर्ण पर्व-स्नान
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7 अप्रैल — नव संवत्सर
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15 अप्रैल — राम नवमी
संत समाज का आशीर्वाद, श्रद्धालुओं में उत्साह
संत समुदाय ने स्नान तिथियों को लेकर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इससे आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा और आवास योजना बनाने में सुविधा होगी।
स्नान कैलेंडर को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अर्द्धकुंभ 2027: आस्था, संस्कृति और विकास का महाकुंभ
हरिद्वार में आयोजित होने वाला आगामी अर्द्धकुंभ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और विकास योजनाओं का भी अद्भुत संगम बनने की उम्मीद है।










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