देहरादून।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सिटी फॉरेस्ट पार्क के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए हैं।
पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने के उद्देश्य से 12 जनवरी 2026 को सिटी फॉरेस्ट पार्क परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने की।
बैठक में पार्क संचालन, रख-रखाव और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सिटी फॉरेस्ट पार्क केवल एक हरित क्षेत्र नहीं, बल्कि देहरादून शहर की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है, जिसकी सुरक्षा और संवर्धन एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति व्यवस्था होगी सुदृढ़
बैठक में पार्क में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर अहम निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि:
- सभी कर्मचारियों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया जाएगा
- कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी
- आईटी अनुभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए
इस व्यवस्था से कर्मचारियों की पहचान, नियमित उपस्थिति और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
पार्क की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
सिटी फॉरेस्ट पार्क की सुरक्षा को लेकर विशेष जोर दिया गया। निर्देशों के अनुसार:
- पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
- पार्क के भीतर अधिक माली नियुक्त किए जाएंगे
- रात्रि के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की अनिवार्य तैनाती
- पार्क के अंतिम छोर पर सिक्योरिटी हट का निर्माण किया जाएगा
इन कदमों से पार्क की सीमाओं की निगरानी और आगंतुकों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
पूरे पार्क में 360 डिग्री सीसीटीवी निगरानी
पार्क की निगरानी व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने के निर्देश भी दिए गए। उपाध्यक्ष ने कहा कि:
- पूरे पार्क क्षेत्र में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
- सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का कार्य आईटी अनुभाग द्वारा शीघ्र पूरा किया जाएगा
- रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी
इससे सुरक्षा के साथ-साथ पार्क में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
आपातकालीन और अग्निशमन व्यवस्था होगी मजबूत
बैठक में यह भी तय किया गया कि:
- पार्क परिसर में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे
- अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा
इन व्यवस्थाओं से किसी भी आपात स्थिति या आगजनी की घटना से समय रहते निपटा जा सकेगा।
कंक्रीट निर्माण पर पूरी तरह रोक, पर्यावरण संरक्षण सर्वोपरि
पर्यावरण संरक्षण को लेकर एमडीडीए ने बड़ा फैसला लिया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार का सिविल या कंक्रीट निर्माण नहीं होगा
- पार्क का प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी
उन्होंने कहा कि पार्क का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाना है, न कि कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार।
प्रशासनिक व्यवस्था और स्टॉक रजिस्टर होंगे अपडेट
बैठक में पार्क से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। निर्देश दिए गए कि:
- पार्क का स्टॉक रजिस्टर व्यवस्थित और अद्यतन रखा जाए
- संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
सभी संबंधित अनुभागों को समयबद्ध रूप से निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
एमडीडीए अधिकारियों ने क्या कहा?
बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए:
“सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून की पहचान है। इसे सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखना एमडीडीए की सामूहिक जिम्मेदारी है। सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से पार्क प्रबंधन में अनुशासन और पारदर्शिता आएगी।”
मोहन सिंह बर्निया, सचिव एमडीडीए:
“सिटी फॉरेस्ट पार्क में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था एमडीडीए की प्राथमिकता है।”
एमडीडीए द्वारा उठाए गए ये कदम सिटी फॉरेस्ट पार्क की सुरक्षा, पारदर्शी प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। सीसीटीवी निगरानी, बायोमैट्रिक उपस्थिति, अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और कंक्रीट निर्माण पर रोक से पार्क को एक सुरक्षित, सुंदर और प्रकृति-अनुकूल स्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।













