गैरसैंण (भराड़ीसैंण): उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में सोमवार से पांच दिवसीय बजट सत्र की शुरुआत हो गई। इस बार सत्र की खास बात यह रही कि राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही सरकार ने बजट पेश किया। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करते हुए इसे ‘SANTULAN बजट’ बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “संकल्प से सिद्धि” के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और यह बजट समग्र विकास, आत्मनिर्भरता, नवाचार, कौशल विकास और पारदर्शिता जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग के विकास और राज्य की आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
SANTULAN बजट का अर्थ
सीएम धामी ने बजट की अवधारणा को SANTULAN शब्द से समझाया—
- S – समावेशी विकास
- A – आत्मनिर्भरता
- N – नई सोच
- T – तीव्र विकास
- U – उन्नत गांव और शहर
- L – लोक सहभागिता
- A – आर्थिक शक्ति
- N – न्यायपूर्ण व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा प्रावधान
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 4252.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जबकि पूंजीगत मद में 195 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
इसके तहत बागेश्वर, डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल समेत कई जिलों में अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर काम जारी है।
महिला और बच्चों के लिए विशेष योजनाएं
बजट में महिला और बाल कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं के लिए भी राशि निर्धारित की गई है—
- ईजा-बोई शगुन योजना – 14.13 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना – 25 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना – 15 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री बाल एवं महिला विकास निधि – 8 करोड़ रुपये
सामाजिक वर्गों के लिए बजट प्रावधान
सरकार ने विभिन्न सामाजिक वर्गों के विकास के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए हैं—
- अनुसूचित जाति वर्ग – 2400 करोड़ रुपये
- अनुसूचित जनजाति – 746.75 करोड़ रुपये
- अल्पसंख्यक कल्याण – 98 करोड़ रुपये
इसके अलावा अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अन्य प्रमुख योजनाओं के लिए बजट
- खाद्यान्न योजना – 25 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री आवास योजना – 298.45 करोड़ रुपये
- पीएम आवास (अन्य मद) – 56 करोड़ रुपये
- ईडब्ल्यूएस आवास – 25 करोड़ रुपये
- परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा – 42 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16,961.32 करोड़ रुपये के प्रावधान की तुलना में इस बार बजट बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये किया गया है।
सीएम धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री धामी ने सदन में सरकार की कई बड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कई फैसले पहली बार लागू किए गए हैं।
मुख्य उपलब्धियां—
- 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता (UCC) लागू
- सख्त नकलरोधी कानून लागू करने वाला पहला राज्य
- अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 लागू
- मदरसा बोर्ड समाप्त
- शीतकालीन यात्रा से पर्यटन को बढ़ावा
- सरकारी जमीनों से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
- मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्य
- हाई अल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन
- नीति आयोग के सतत विकास इंडेक्स में पहला स्थान
आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि
बजट भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने भगवान बद्री विशाल और बाबा केदार को नमन करते हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee को भी सदन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के सहयोग से उत्तराखंड विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
गैरसैंण में 11वीं बार विधानसभा सत्र
पिछले 13 वर्षों में यह 11वीं बार है जब सरकार बजट सत्र के लिए पहाड़ चढ़कर गैरसैंण पहुंची है। वर्ष 2014 से अब तक भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में 10 बार सत्र आयोजित हो चुके हैं।
राज्य आंदोलन के समय गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग प्रमुख थी, लेकिन बाद में इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया।
यूकेडी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
सत्र के दौरान Uttarakhand Kranti Dal के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की। बैरिकेड तोड़ने का प्रयास करने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।












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