Uttarakhand cabinet expansion: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद अब मंत्रियों के बीच विभागों का आधिकारिक बंटवारा कर दिया गया है। पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद यह जिम्मेदारी तय की गई है, जिससे शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और संतुलित बनाया जा सके।
कैबिनेट विस्तार के साथ ही मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभाग अपने पास ही रखे हैं। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, सूचना एवं जनसंपर्क जैसे अहम विभाग शामिल हैं। इन विभागों को शासन की रीढ़ माना जाता है, जिनके माध्यम से प्रशासनिक नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
नए मंत्रियों को मिला विभागों का जिम्मा
खजान दास को मिले ये विभाग
कैबिनेट में शामिल किए गए खजान दास को सामाजिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं:
- समाज कल्याण
- अल्पसंख्यक कल्याण
- छात्र कल्याण
- भाषा
भरत सिंह चौधरी को मिली ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी
भरत सिंह चौधरी को विकास से जुड़े अहम विभाग दिए गए हैं:
- ग्राम्य विकास
- लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम (MSME)
मदन कौशिक को सौंपी गई पंचायत और आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी
मदन कौशिक को प्रशासनिक और आपदा से जुड़े विभाग सौंपे गए हैं:
- पंचायती राज
- आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास
- आयुष एवं आयुष शिक्षा
- पुनर्गठन एवं जनगणना
प्रदीप बत्रा को मिला टेक्नोलॉजी और परिवहन विभाग
प्रदीप बत्रा को आधुनिक और तकनीकी क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है:
- परिवहन
- सूचना प्रौद्योगिकी
- सुशासन एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी
- जैव प्रौद्योगिकी
राम सिंह कैड़ा को मिला शहरी विकास का जिम्मा
राम सिंह कैड़ा को शहरी और पर्यावरण से जुड़े विभाग दिए गए हैं:
- शहरी विकास
- पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन
- जलागम प्रबंधन
क्यों अहम है यह विभागीय बंटवारा?
धामी सरकार के इस फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से खाली पड़े पांच मंत्री पदों को भरने के बाद अब विभागों का यह वितरण शासन की कार्यक्षमता को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक निर्णय है, जिससे सरकार की मुख्य कमान उनके हाथ में बनी रहेगी। वहीं अन्य मंत्रियों को विभाग सौंपकर कार्यों का विकेंद्रीकरण किया गया है, जिससे योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
कैबिनेट विस्तार की पृष्ठभूमि
कैबिनेट में पांच पद लंबे समय से खाली थे। इनमें:
- तीन पद पहले से रिक्त थे
- एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद खाली हुआ
- एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ
इन्हीं परिस्थितियों में मुख्यमंत्री के पास कई विभागों का अतिरिक्त भार था, जिसे अब नए मंत्रियों के बीच बांट दिया गया है।
कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट का यह नया विभागीय बंटवारा उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली को अधिक संतुलित, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा, बल्कि विकास योजनाओं को भी तेजी से जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।













