Nainital Tempo Traveller Accident: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नैनीताल-कालाढूंगी मोटर मार्ग पर पर्यटकों से भरा एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में दो पर्यटकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
Nainital Road Accident: खाई में गिरा पर्यटकों से भरा वाहन
मिली जानकारी के अनुसार, टेंपो ट्रैवलर में कुल 29 लोग सवार थे। सभी पर्यटक उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो नैनीताल घूमने आए थे। इसी दौरान नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
हादसा इतना भीषण था कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
SDRF और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। खाई में गिरे वाहन तक पहुंचने में बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।
मेरठ के रहने वाले हैं सभी पर्यटक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी हैं। हादसे के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अस्पतालों में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ घायलों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने की जताई जा रही है। वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने वाहन में तकनीकी खराबी या ब्रेक फेल होने की संभावना भी व्यक्त की है।
पुलिस और परिवहन विभाग की टीम वाहन की तकनीकी जांच कर रही है, जिसके बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर सड़क सुरक्षा और पर्यटक वाहनों की फिटनेस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख करते हैं, ऐसे में प्रशासन और परिवहन विभाग के सामने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है।












