डोईवाला । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीआईएमएस ग्रुप ऑफ कॉलेज, देहरादून में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 350 छात्र-छात्राओं ने “नशा मुक्त भारत अभियान, विकसित भारत” के तहत नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
यह कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग, माय भारत (युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार), यूथ फाउंडेशन, उत्तराखंड डिफेंस एकेडमी और सीआईएमएस ग्रुप ऑफ कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़े स्तर पर योगाभ्यास कराया गया और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव : ललित जोशी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, शिक्षाविद एवं सीआईएमएस कॉलेज के चेयरमैन तथा सजग इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष अधिवक्ता ललित जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का निर्माण कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों को ड्रग फ्री बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। यही राष्ट्र निर्माण में हमारी महत्वपूर्ण भूमिका है।
योग के माध्यम से दिया स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में योगाचार्य श्रीमती कविता डोबरियाल ने लगभग 350 छात्र-छात्राओं को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी देते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
कार्यक्रम में माय भारत के स्टेट डायरेक्टर अनिल कुमार सिंह और डिप्टी डायरेक्टर मोनिका नांदल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा सीआईएमएस के निदेशक रमेश, यूथ फाउंडेशन से कैप्टन कुंवर कुलदीप भगवती, कर्नल जे.एस. नेगी, मेजर ललित, डॉ. अंजना गुसाईं, नगमा हसन, माय भारत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक आशीष सगोई, नकरौंदा यूथ क्लब के अध्यक्ष अभिषेक राणा, विवेक, योगेश और सगुन सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यक्रम में शामिल हुए।
योग और नशामुक्ति के संदेश के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।












