OPS Latest Update 2026: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने अनुकंपा (Compassionate Appointment) के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) चुनने का अवसर देने का फैसला किया है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा जारी नए आदेश के बाद लंबे समय से OPS की मांग कर रहे कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
केंद्र सरकार का नया आदेश क्या कहता है?
केंद्र सरकार के नए आदेश के अनुसार, अब अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों की पात्रता तय करने के लिए नियुक्ति की तारीख नहीं बल्कि आवेदन की तारीख को आधार माना जाएगा।
इसका मतलब यह है कि जिन कर्मचारियों ने 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 या उसके बाद हुई, उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का विकल्प मिलेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के समय संबंधित उम्मीदवार का अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र होना अनिवार्य होगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा OPS का लाभ?
नए आदेश के तहत निम्नलिखित कर्मचारी OPS का लाभ लेने के पात्र होंगे—
- अनुकंपा (Compassionate Ground) पर नियुक्त कर्मचारी
- जिन्होंने 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले आवेदन किया था
- जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 या उसके बाद हुई
- जो आवेदन के समय पात्रता की शर्तें पूरी करते थे
ऐसे कर्मचारियों को अब CCS (Pension) Rules, 2021 के तहत पुरानी पेंशन योजना चुनने का अवसर दिया जाएगा।
2023 के आदेश से कैसे अलग है नया फैसला?
केंद्र सरकार ने 3 मार्च 2023 को भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें उन कर्मचारियों को OPS चुनने का विकल्प दिया गया था जिन्होंने नौकरी के लिए आवेदन 1 जनवरी 2004 से पहले किया था लेकिन नियुक्ति बाद में मिली थी।
हालांकि उस आदेश में अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया था।
अब सरकार ने इस कमी को दूर करते हुए अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को भी OPS के दायरे में शामिल कर लिया है।
कर्मचारी संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
केंद्र सरकार के इस निर्णय का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है।
ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इसे हजारों कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलना लंबे समय से लंबित मांग थी।
साथ ही उन्होंने सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए गारंटीड पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग भी दोहराई।
OPS की मांग क्यों उठ रही थी?
फरवरी 2026 में आयोजित नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की बैठक में अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को OPS का लाभ देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से इसे न्यायसंगत बताते हुए नियमों में संशोधन की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने मामले की समीक्षा कर यह फैसला लिया।
OPS और NPS में क्या अंतर है?
पुरानी पेंशन योजना (OPS)
- सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित मासिक पेंशन
- अंतिम मूल वेतन का लगभग 50% पेंशन
- महंगाई राहत (DR) का लाभ
- पेंशन की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)
- बाजार आधारित निवेश योजना
- कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान
- रिटायरमेंट लाभ बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर
- पेंशन राशि निश्चित नहीं होती
क्या सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS वापस आएगी?
फिलहाल केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट है। संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि केंद्र सरकार NPS या UPS के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने पर विचार नहीं कर रही है।
इसलिए यह फैसला सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल उन कर्मचारियों के लिए लागू होगा जो निर्धारित शर्तों के तहत अनुकंपा आधार पर नियुक्त हुए हैं।
8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार का यह फैसला हजारों अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। आवेदन की तारीख को आधार मानकर OPS का विकल्प देने का निर्णय लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने वाला कदम माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे पुरानी पेंशन योजना की मांग को भी नई मजबूती मिलेगी।











