देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को उत्तराखंड सचिवालय में कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। दोपहर 12 बजे प्रस्तावित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा के साथ फैसले लिए जाने की संभावना है। आगामी विधानसभा मानसून सत्र को देखते हुए भी धामी कैबिनेट की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र की संभावित तिथि और स्थान को लेकर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक और आवास समेत कई विभागों से जुड़े प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे जाने की संभावना है।
सबसे अहम प्रस्तावों में राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों की बॉन्ड सेवा से जुड़ा प्रस्ताव शामिल बताया जा रहा है। मौजूदा व्यवस्था में पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए बॉन्ड की व्यवस्था है, लेकिन एमबीबीएस के बाद कुछ समय सेवा देने के बाद कई डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन में चले जाते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी की समस्या बनी रहती है।
इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किए जाने की बात सामने आई है। इसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए कम से कम तीन वर्ष की सेवा अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो निर्धारित सेवा पूरी करने के बाद ही पीजी की पढ़ाई के लिए अनुमति देने की व्यवस्था की जा सकती है।
इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर भी नजर
कैबिनेट बैठक में एमबीबीएस और पीजी इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड से जुड़ा मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो सकता है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर भी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर रहेगी।
रोडवेज कर्मचारियों के बकाया वेतन पर फैसला संभव
उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन का मामला भी कैबिनेट में चर्चा का विषय बन सकता है। कर्मचारियों को पिछले कुछ महीनों से वेतन नहीं मिलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से वेतन भुगतान के लिए परिवहन निगम को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव पर निर्णय की संभावना जताई जा रही है।
ईवी पॉलिसी और शिक्षकों के तबादले पर भी अहम फैसला
बैठक में राज्य की ईवी पॉलिसी से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।
नियोजन विभाग की ओर से तैयार की गई विभिन्न नीतियों को भी बैठक में रखा जा सकता है। इसके साथ ही शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक और आवास विभाग से संबंधित प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में विचार-विमर्श संभव है।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है और आगामी विधानसभा मानसून सत्र को लेकर क्या निर्णय सामने आता है।












