देहरादून। कैंसर के खिलाफ जंग में जागरूकता को सबसे प्रभावी हथियार बताते हुए शुक्रवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में “कैंसर हारेगा, जिंदगी जीतेगी” का संदेश गूंजा। अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित ब्लड कैंसर जनजागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ब्लड कैंसर के लक्षण, समय पर जांच, आधुनिक उपचार, बचाव और रोकथाम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम में कैंसर से जुड़े भय को दूर करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया गया।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. डॉ. नीलकमल कुमार, डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, ब्रेस्ट एंड थायरायड कैंसर सर्जरी, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल; डॉ. उत्कर्ष शर्मा, प्राचार्य, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज; डॉ. अनिल मलिक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल तथा वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. निशांत सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रो. डॉ. नीलकमल कुमार ने कहा कि कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर और घबराहट पैदा हो जाती है, जबकि जागरूकता इस डर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि कैंसर सर्वाइवर्स और कैंसर वॉरियर्स के अनुभव मरीजों और उनके परिजनों के लिए हौसले का बड़ा स्रोत बनते हैं। उपचार के दौरान परिवार, मित्रों और चिकित्सकों का भावनात्मक सहयोग मरीज को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का प्रयास है कि किफायती दरों पर कैंसर का उपचार मरीजों को उनके घर के नजदीक उपलब्ध हो और समाज के हर वर्ग तक कैंसर केयर की पहुंच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कैंसर सर्वाइवर्स के पुनर्वास और उन्हें सम्मानजनक तरीके से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने को भी कैंसर उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने ब्लड कैंसर के प्रति जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में ब्लड कैंसर की जांच और उपचार के क्षेत्र में लगातार प्रगति हुई है। बीमारी की समय पर पहचान होने पर उपचार की दिशा अधिक प्रभावी ढंग से तय की जा सकती है।
वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. निशांत सिन्हा ने ब्लड कैंसर के विभिन्न प्रकारों, लक्षणों, जांच और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एएलएल, पीडियाट्रिक एएलएल, बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन और मल्टीपल मायलोमा समेत विभिन्न विषयों पर चिकित्सकीय जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों से ब्लड कैंसर से जुड़े संभावित लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, डॉ. सीमा आचार्य, डॉ. मीनू गुप्ता, एचओडी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी तथा वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी ने भी कैंसर जागरूकता, उपचार और मरीजों के समग्र स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ योगा एंड नैचुरोपैथी के छात्र-छात्राओं ने योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और स्वास्थ्य संरक्षण का संदेश दिया। वहीं कैंसर सर्वाइवर्स ने अपने उपचार और संघर्ष के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि बीमारी के दौरान सकारात्मक सोच, परिवार का सहयोग और चिकित्सकों पर विश्वास मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिया जागरूकता का संदेश
ब्लड कैंसर जागरूकता को रचनात्मक माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के लिए पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। पोस्टर प्रतियोगिता में शबीना एवं शोएब ने संयुक्त रूप से प्रथम, प्रतिभा नौटियाल ने द्वितीय और रश्मि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में कल्पना प्रथम, वैशाली द्वितीय और भारती तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम के समापन पर चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और अस्पताल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने “कैंसर हारेगा, जिंदगी जीतेगी” संदेश के साथ कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।












