हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष चेकिंग अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। अभियान के दौरान विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर 35 चालान किए गए, जबकि तीन बसों को सीज कर दिया गया। पड़ोसी राज्यों में हाल ही में हुई बस दुर्घटनाओं के मद्देनजर विभाग ने वाहनों की तकनीकी जांच और यात्री सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों पर चलाए जा रहे इस अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया। परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी ने अभियान के तहत कार्रवाई की। वहीं, बसों की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन भी टीम में शामिल रहे।
फिटनेस और परमिट की शर्तों की जांच
चेकिंग अभियान के दौरान लग्जरी और स्लीपर बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। इसके साथ ही बसों की तकनीकी स्थिति, अनधिकृत बदलाव और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का भी निरीक्षण किया गया। जांच में नियमों का उल्लंघन और सुरक्षित संचालन को प्रभावित करने वाली कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग का उद्देश्य हरिद्वार में प्रवेश करने वाली लग्जरी और स्लीपर बसों के संचालन को सुरक्षित बनाना और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। इसी के तहत बसों की सघन जांच की जा रही है।
बस संचालकों और चालकों को सख्त निर्देश
अभियान के दौरान बस संचालकों और चालकों को निर्देश दिए गए कि वे वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें और परमिट की शर्तों का पूरी तरह पालन करें। बसों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने के साथ ही यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की तकनीकी स्थिति और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
लगातार जारी रहेगा चेकिंग अभियान
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान, वाहन सीज करने सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














