Friday, October 30, 2026
  • About
  • Contact
  • Home
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
No Result
View All Result

उत्तरकाशी में सौर योजना पर सवालों का साया, 81 परियोजनाओं का आवंटन जांच के घेरे में!

मोरी, पुरोला और नौगांव में 67 सोलर प्लांट स्थापित; 2025 की शिकायतों की जांच का निष्कर्ष अब भी सार्वजनिक नहीं, UERC ने भी तलब किए परियोजनाओं के दस्तावेज

October 30, 2026
in उत्तराखंड
उत्तरकाशी में सौर योजना पर सवालों का साया, 81 परियोजनाओं का आवंटन जांच के घेरे में!
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

You might also like

नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा

छात्रावासों में लगेगा डिजिटल शिक्षा का तड़का, 15 हॉस्टल होंगे हाईटेक

बड़ी खबर : रेखा आर्या विवाद में पति को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक से किया इनकार

उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत उत्तरकाशी जिले के मोरी, पुरोला और नौगांव विकासखंडों में स्वीकृत 81 सौर परियोजनाओं का आवंटन अब सवालों के घेरे में है। इन परियोजनाओं में से 67 प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जबकि 14 परियोजनाएं अभी स्थापित नहीं हुई हैं। तीनों विकासखंडों में स्थापित परियोजनाओं की कुल क्षमता 13.25 मेगावाट बताई गई है।

मामले की गंभीरता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि वर्ष 2025 में योजना के आवंटन को लेकर सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों और उनके परिजनों को लाभ पहुंचाने तथा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के नियमों के पालन में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के बाद प्रमुख सचिव ऊर्जा स्तर से जिलाधिकारियों को पूर्व में किए गए आवंटनों की जांच के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। साथ ही, नियमों के विरुद्ध आवंटन पाए जाने पर सब्सिडी रोकने की बात भी कही गई थी।

हालांकि, जांच के बाद कितने मामलों में अनियमितता मिली और क्या कार्रवाई हुई, इसकी पूरी जानकारी अब तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में उत्तरकाशी की इन 81 परियोजनाओं का आवंटन रिकॉर्ड जांचने की जरूरत महसूस की जा रही है।

‘पहले आओ, पहले पाओ’ का नियम, फिर आवंटन में देरी क्यों?

मार्च 2023 में संशोधित योजना के प्रावधानों के अनुसार, निर्धारित क्षमता से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में पूर्ण दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर आवेदन प्राप्त होने की तारीख के आधार पर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर परियोजनाओं का आवंटन किया जाना था। इसके साथ ही परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करना भी अनिवार्य था।

ऐसे में प्रत्येक परियोजना के आवंटन की निष्पक्षता परखने के लिए आवेदन की तारीख, दस्तावेज पूरे होने की तारीख, तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट और लेटर ऑफ अवार्ड (Letter of Award) जारी होने की तारीख का मिलान जरूरी है। केवल लाभार्थियों के नाम सामने आने से आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो सकती।

एक परिवार से एक परियोजना, पारिवारिक आवेदनों की भी हो जांच

योजना के संशोधित प्रावधानों में एक परिवार से एक आवेदक को परियोजना दिए जाने का नियम भी शामिल है। ऐसे में जांच के दौरान यह देखना जरूरी होगा कि कहीं एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर एक से अधिक परियोजनाओं के लिए आवेदन या आवंटन तो नहीं हुआ।

हालांकि, केवल समान उपनाम या पारिवारिक संबंध के आधार पर किसी को नियमों का उल्लंघन करने वाला नहीं माना जा सकता। इसके लिए वास्तविक पारिवारिक स्थिति, आवेदन और आवंटन से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण आवश्यक होगा।

मोरी में 29, पुरोला में 5 और नौगांव में 33 प्लांट स्थापित

उपलब्ध विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 46 परियोजनाएं नौगांव में स्वीकृत हुईं। मोरी में 30 और पुरोला में पांच परियोजनाओं को मंजूरी मिली।

ब्लॉकवार परियोजनाओं की स्थिति

विकासखंड स्वीकृत परियोजनाएं स्थापित प्लांट स्थापित क्षमता
मोरी 30 29 5,800 किलोवाट
पुरोला 5 5 850 किलोवाट
नौगांव 46 33 6,600 किलोवाट
कुल 81 67 13,250 किलोवाट

मोरी के कुकरेड़ा क्षेत्र में भी सौर परियोजनाओं का उल्लेख क्षेत्रीय रिपोर्टों में सामने आया है। हालांकि, किसी क्षेत्र में परियोजनाओं की संख्या अधिक होना अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रत्येक परियोजना की नामवार फाइल और आवंटन प्रक्रिया की जांच जरूरी है।

2025 में जांच के निर्देश, लेकिन कार्रवाई का ब्योरा कहां?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल वर्ष 2025 में मिली शिकायतों और उसके बाद हुई जांच को लेकर है। यदि सरकार ने आवंटन प्रक्रिया की जांच के निर्देश दिए थे, तो अब तक उसका अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक क्यों नहीं हुआ?

जांच में कितने लाभार्थियों के मामले शामिल किए गए? क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी के परिजन को योजना का लाभ मिला? क्या सभी आवंटन निर्धारित नियमों के अनुरूप पाए गए? यदि कहीं गड़बड़ी मिली तो संबंधित परियोजनाओं की सब्सिडी रोकने या अन्य कार्रवाई के संबंध में क्या निर्णय लिया गया?

इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट और संबंधित विभागीय अभिलेखों से ही मिल सकता है।

UERC ने भी मांगे आवंटन से कमीशनिंग तक के दस्तावेज

मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू वर्ष 2026 में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) की कार्यवाही है। आयोग ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (MSSY) के तहत 200 किलोवाट क्षमता वाली परियोजनाओं के मामलों में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (UREDA) से आवंटन से लेकर कमीशनिंग तक की पूरी कालानुक्रमिक जानकारी मांगी है।

इसमें परियोजना मॉनिटरिंग रिपोर्ट और संबंधित अभिलेख भी शामिल हैं। आयोग के रिकॉर्ड में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें आवेदकों ने वर्ष 2024 में आवेदन करने के बावजूद वर्ष 2026 में लेटर ऑफ अवार्ड जारी किए जाने का मुद्दा उठाया।

इससे आवंटन प्रक्रिया में देरी, तकनीकी परीक्षण और विभागीय स्तर पर निर्णय लेने की समय-सीमा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, आयोग द्वारा दस्तावेज मांगा जाना अपने आप में किसी परियोजना में अनियमितता साबित नहीं करता, लेकिन इससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही की अहमियत जरूर बढ़ जाती है।

सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को लाभ मिला तो क्या थी उनकी भूमिका?

योजना के लाभार्थियों में किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के रिश्तेदार का नाम होना अपने आप में नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। असली सवाल यह है कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की परियोजना के आवेदन, तकनीकी परीक्षण, आवंटन, विद्युत कनेक्शन, निरीक्षण, सब्सिडी अथवा भुगतान की प्रक्रिया में कोई भूमिका थी या नहीं।

यदि पारिवारिक संबंध के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया में प्रभाव, नियमों से हटकर आवंटन या हितों के टकराव के तथ्य सामने आते हैं, तभी मामले की गंभीरता तय होगी। इसलिए जांच केवल लाभार्थियों के नाम तक सीमित न रहकर पूरी निर्णय प्रक्रिया पर केंद्रित होनी चाहिए।

नामवार सूची और आवंटन की पूरी फाइल सार्वजनिक करने की मांग

UREDA की वेबसाइट पर मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से संबंधित जानकारी और स्थापित परियोजनाओं का विवरण उपलब्ध है, लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री से वर्ष 2026 तक की पूरी अद्यतन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

ऐसे में मोरी, पुरोला और नौगांव की सभी 81 स्वीकृत परियोजनाओं की अद्यतन नामवार सूची सार्वजनिक करना जरूरी है। इसके साथ प्रत्येक परियोजना की आवेदन तिथि, भूमि का विवरण, तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट, जिला स्तरीय समिति की कार्यवाही, लेटर ऑफ अवार्ड, पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA), कमीशनिंग प्रमाणपत्र और सब्सिडी एवं भुगतान का ब्योरा भी सामने आना चाहिए।

इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस आवेदक को कब और किन आधारों पर परियोजना आवंटित की गई तथा निर्धारित नियमों का कितना पालन हुआ।

81 परियोजनाओं का दस्तावेजी ऑडिट क्यों जरूरी?

फिलहाल उपलब्ध आंकड़े और दस्तावेज यह साबित नहीं करते कि मोरी, पुरोला या नौगांव में किसी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अथवा उसके परिजन को नियम विरुद्ध तरीके से योजना का लाभ दिया गया है। लेकिन वर्ष 2025 में उठी शिकायतें, ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के प्रावधान और वर्ष 2026 में UERC की ओर से परियोजनाओं के विस्तृत अभिलेख मांगे जाने के बाद यह मामला सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़ गया है।

अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग 81 परियोजनाओं की आवंटन प्रक्रिया का पारदर्शी दस्तावेजी ऑडिट कराए और वर्ष 2025 की जांच का निष्कर्ष भी सार्वजनिक करे। आखिरकार, सरकारी योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचा या नहीं, इसका जवाब आंकड़ों से नहीं बल्कि पूरी प्रक्रिया के निष्पक्ष परीक्षण से ही मिलेगा।

 

Tags: CM Solar SchemeMori NewsMSSY UttarakhandNaugaon NewsPurola newsRenewable EnergySolar Project InvestigationSolar Self Employment SchemeSolar SubsidyUERCUREDAUttarakhand governmentUttarakhand newsuttarkashi news
Previous Post

नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा

Seemaukb

Seemaukb

Hi, I’m Seema Rawat, a passionate journalist and blogger. I’ve been writing for a long time on a variety of topics including sports, technology, finance, government jobs, health, and wealth. Through my articles and blogs, I aim to share reliable information, practical insights, and inspiring stories that help readers stay informed and empowered.

Related Posts

नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा
उत्तराखंड

नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा

by Seemaukb
October 30, 2026
छात्रावासों में लगेगा डिजिटल शिक्षा का तड़का, 15 हॉस्टल होंगे हाईटेक
उत्तराखंड

छात्रावासों में लगेगा डिजिटल शिक्षा का तड़का, 15 हॉस्टल होंगे हाईटेक

by Seemaukb
October 30, 2026

Categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • देश-दुनिया
  • नौकरी
  • बाजार समाचार
  • मनी और निवेश
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Recommended

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कोलोप्रोक्टोलॉजी स्टडीज पर दो दिवसीय कार्यक्रम, जुटे देशभर के विशेषज्ञ

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कोलोप्रोक्टोलॉजी स्टडीज पर दो दिवसीय कार्यक्रम, जुटे देशभर के विशेषज्ञ

November 1, 2025
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में धूमधाम से मनाया गया विश्व आईवीएफ दिवस

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में धूमधाम से मनाया गया विश्व आईवीएफ दिवस

July 25, 2024

Don't miss it

उत्तरकाशी में सौर योजना पर सवालों का साया, 81 परियोजनाओं का आवंटन जांच के घेरे में!
उत्तराखंड

उत्तरकाशी में सौर योजना पर सवालों का साया, 81 परियोजनाओं का आवंटन जांच के घेरे में!

October 30, 2026
नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा
उत्तराखंड

नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा

October 30, 2026
SGRRU खेलोत्सव में खिलाड़ियों की टक्कर, शतरंज से बैडमिंटन तक मैदान में दिखा दमखम
क्रिकेट

SGRRU खेलोत्सव में खिलाड़ियों की टक्कर, शतरंज से बैडमिंटन तक मैदान में दिखा दमखम

October 30, 2026
छात्रावासों में लगेगा डिजिटल शिक्षा का तड़का, 15 हॉस्टल होंगे हाईटेक
उत्तराखंड

छात्रावासों में लगेगा डिजिटल शिक्षा का तड़का, 15 हॉस्टल होंगे हाईटेक

October 30, 2026
बड़ी खबर : रेखा आर्या विवाद में पति को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक से किया इनकार
उत्तराखंड

बड़ी खबर : रेखा आर्या विवाद में पति को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक से किया इनकार

October 30, 2026
उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न! 16 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
मौसम

सात जिलों में मौसम का तांडव! आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, 40 की रफ्तार से दौड़ेंगी हवाएं

October 30, 2026
Uttarkhand Brodcast Logo

Uttarakhand Broadcast

Uttarakhand Broadcast एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जहाँ आपको उत्तराखंड, भारत और दुनिया भर की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, शिक्षा और स्थानीय अपडेट्स सबसे पहले और सटीक जानकारी के साथ मिलते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाना है।

Recent Posts

  • उत्तरकाशी में सौर योजना पर सवालों का साया, 81 परियोजनाओं का आवंटन जांच के घेरे में!
  • नशामुक्ति से शिक्षा तक योगदान, सीएम धामी ने ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से नवाजा
  • SGRRU खेलोत्सव में खिलाड़ियों की टक्कर, शतरंज से बैडमिंटन तक मैदान में दिखा दमखम

Browse by categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • देश-दुनिया
  • नौकरी
  • बाजार समाचार
  • मनी और निवेश
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Calendar

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.

No Result
View All Result
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.