मौसम विभाग के मुताबिक 29 अक्टूबर की रात 9:25 बजे से 30 अक्टूबर की रात 12:25 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अचानक मौसम बदलने से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
इन इलाकों में दिख सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के अलर्ट के दायरे में मसूरी, चकराता, पुरोला, बड़कोट, ऋषिकेश, रुड़की, डोईवाला, देवप्रयाग, श्रीनगर, तुंगनाथ, सोनप्रयाग, केदारनाथ, बदरीनाथ और गोविंदघाट समेत आसपास के इलाके शामिल हैं। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली चमकने के कारण मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चारधाम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम में बदलाव का असर पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही पर भी पड़ सकता है। केदारनाथ, बदरीनाथ, तुंगनाथ और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवाओं के चलते पहाड़ी रास्तों पर फिसलन तथा आवागमन में परेशानी हो सकती है।
आंधी और बिजली चमकने के दौरान बरतें सावधानी
तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और विद्युत लाइनों से दूरी बनाए रखें। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
मौसम के अलर्ट को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र की निगरानी महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक जोखिम उठाने से बचें।













