मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग ने जल संस्थान के साथ समन्वय स्थापित कर दीपावली के दौरान अग्नि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
90 प्रतिशत से अधिक फायर हाइड्रेंट चालू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी ने बताया कि जनपद में स्थापित फायर हाइड्रेंट की नियमित निगरानी और जांच की जा रही है। वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक फायर हाइड्रेंट क्रियाशील हैं। शेष हाइड्रेंट को भी जल्द दुरुस्त कराने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक तहसील के अंतर्गत आने वाले फायर स्टेशनों की ओर से बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिन में तीन बार अग्निशमन वाहनों से गश्त की जा रही है। इससे संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और आग लगने की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
व्यापारियों से बिजली और अग्नि सुरक्षा पर सतर्कता की अपील
अग्निशमन विभाग की ओर से आमजन और व्यापारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। व्यापारियों से अपील की गई है कि वे दुकानों में विद्युत उपकरणों और बिजली के लोड पर विशेष ध्यान दें। निर्धारित क्षमता से अधिक विद्युत लोड न लें और बिजली के कनेक्शन एवं उपकरणों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही दुकानों और प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा गया है, ताकि दीपावली के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
बाजारों में रास्ते खाली रखने की अपील
अग्निशमन विभाग ने व्यापारियों से बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रखने की अपील की है। विभाग के अनुसार, बाजारों में रास्ते बाधित होने से आपात स्थिति के दौरान राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।
अग्निशमन विभाग की टीमें दीपावली के दौरान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहेंगी। विभाग ने आमजन से भी सतर्कता बरतने और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।














