उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता Bhuvan Chandra Khanduri का निधन हो गया है। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रबंधन ने उनके निधन की पुष्टि की है।
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके थे। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अपनी सादगी, ईमानदार छवि तथा अनुशासित कार्यशैली से अलग पहचान बनाई।
भुवन चंद्र खंडूरी पहली बार 7 मार्च 2007 से 26 जून 2009 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने दूसरी बार 11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 तक प्रदेश की कमान संभाली। उनके कार्यकाल को सख्त प्रशासन, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख और पारदर्शी शासन के लिए याद किया जाता है।
मुख्यमंत्री बनने से पहले वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और बाद में कैबिनेट मंत्री भी रहे। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना और गोल्डन क्वाड्रिलेटरल जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को गति मिली।
खंडूरी को उत्तराखंड की राजनीति में स्वच्छ और अनुशासित छवि वाले नेता के रूप में जाना जाता था। उनके निधन की खबर के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।












