देहरादून/त्यूणी। उत्तराखंड के देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र में एक विद्युत लाइनमैन ने दो कांग्रेसी नेताओं पर अपनी बेटियों को कांग्रेस पार्टी में शामिल कराने के लिए दबाव बनाने, फोन पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), देहरादून को प्रार्थना-पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच, आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह ग्राम छुमरा, खत देवगार, तहसील त्यूणी का निवासी है और विद्युत विभाग के उपखंड चकराता के अंतर्गत त्यूणी सब-स्टेशन में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है। उसकी दोनों बेटियां त्यूणी स्थित राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाई करती हैं। दोनों बेटियां हाल ही में हुए छात्रसंघ चुनाव में क्रमशः सचिव और सहसचिव पद के लिए चुनाव में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
फोन पर दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप
एसएसपी को दिए गए प्रार्थना-पत्र में शिकायतकर्ता ने चमन सिंह और राजपाल सिंह, निवासी ग्राम बिरनाड़, तहसील त्यूणी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फोन कर उसकी दोनों बेटियों को कांग्रेस पार्टी में शामिल कराने के लिए दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस दौरान फोन पर उसके साथ गाली-गलौज भी की गई और उसे धमकाया गया। उसने बातचीत की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित होने की बात भी कही है।
रिकॉर्डिंग की जानकारी मिलने के बाद धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड होने की जानकारी मिलने के बाद उसे और उसके परिवार को कथित तौर पर देख लेने की धमकियां दी जाने लगीं। प्रार्थना-पत्र के मुताबिक, संबंधित लोग कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ त्यूणी स्थित बिजलीघर भी पहुंचे। वहां शिकायतकर्ता के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के समय वह बिजलीघर में मौजूद नहीं था। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने कथित तौर पर संबंधित लोगों को बताया कि वह बिजलीघर में नहीं है, जिसके बाद वे वहां से चले गए।
दिव्यांग होने का हवाला देकर परिवार की सुरक्षा मांगी
शिकायतकर्ता ने स्वयं को दिव्यांग बताते हुए कहा है कि कथित धमकियों के कारण वह और उसका परिवार भयभीत हैं। उसने एसएसपी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में नामजद व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













