देहरादून। शहर में चल रहे रोड कटिंग और निर्माण कार्यों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुरक्षा और जनसुविधा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी गतिमान कार्यों को मैनपावर बढ़ाकर युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और काम समाप्त होते ही सड़कों का तत्काल रिस्टोरेशन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में रोड कटिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे रोड कटिंग कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
10 से 25 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
डीएम ने निर्देश दिए कि 10 से 25 सितंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाकर वर्तमान में संचालित रोड कटिंग और निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्थाएं अतिरिक्त मैनपावर लगाएं और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक खोदकर न छोड़ा जाए। कार्य पूरा होते ही निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क की मरम्मत और पुनर्स्थापना तत्काल की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था और आमजन की दिनचर्या प्रभावित न हो।
रोड कटिंग का काम अधिकतम 15 दिन में पूरा करना होगा
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन संस्थाओं को रोड कटिंग की अनुमति दी गई है, उनसे कार्य पूरा करने की स्पष्ट समयसीमा तय कराई जाए। स्वीकृत रोड कटिंग कार्य अधिकतम 15 दिन के भीतर पूरा करना होगा।
निर्धारित समयावधि में काम पूरा नहीं करने वाली संबंधित कार्यदायी संस्था या विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
अब बिना संस्तुति नहीं मिलेगी रोड कटिंग की अनुमति
रोड कटिंग की नई अनुमतियों को लेकर भी जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अब रोड कटिंग की अनुमति संबंधित उप जिलाधिकारी (SDM), पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) यातायात और अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग की संस्तुति के आधार पर ही प्रदान की जाएगी।
अनुमति देने से पहले संबंधित क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, जनसुविधा, सुरक्षा और सड़क की स्थिति का समुचित परीक्षण किया जाएगा।
कंट्रोल रूम से होगी रोजाना मॉनिटरिंग
रोड कटिंग कार्यों की निगरानी के लिए डीएम ने कंट्रोल रूम से दैनिक मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक कार्य की रोजाना प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। कार्य में अनावश्यक देरी या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था को जवाबदेह बनाया जाएगा।
सीमाद्वार में जलभराव के स्थायी समाधान की तैयारी
बैठक में सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है और इसे शासन को भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने इससे पहले सीमाद्वार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए थे।
विकास कार्यों में जनसुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि शहर की सड़कों और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। निर्माण कार्यों के दौरान आमजन की सुविधा और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्य निर्धारित समयसीमा, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ओ.पी. सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।











