देहरादून, हरियावाला, धौलास स्थित शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कृषि भूमि के कथित अनियमित विक्रय के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर संबंधित भूमि का स्थलीय निरीक्षण एवं विस्तृत पैमाइश कराई गई।
शैक्षणिक उद्देश्य से मिली थी भूमि, अब शर्तों के पालन की जांच
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट को पूर्व में शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए भूमि आवंटित की गई थी। अब यह जांच की जा रही है कि आवंटन की शर्तों और निर्धारित उद्देश्यों का पालन किया गया या नहीं। तहसील प्रशासन, वन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि पैमाइश रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जमींदारी एक्ट के तहत विधिसम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
20 एकड़ भूमि का बड़ा सौदा, सैकड़ों में बंटी जमीन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट द्वारा लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि 15 व्यक्तियों को बड़े भूखंडों में बेची गई। इसके बाद उक्त भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर 70-80 अन्य व्यक्तियों को बेचने की जानकारी मिली है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रस्ट को भूमि विक्रय की अनुमति इस शर्त पर दी गई थी कि भूमि का स्वरूप कृषि ही रहेगा और उसे अकृषि घोषित कर प्लॉटिंग नहीं की जाएगी।
बिना मानचित्र स्वीकृति अवैध प्लाटिंग, एमडीडीए पहले ही कर चुका कार्रवाई
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने धौलास क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के की जा रही अवैध प्लाटिंग पर पूर्व में कार्रवाई करते हुए अवैध बाउंड्री, आंतरिक सड़कों और अन्य संरचनाओं को ध्वस्त किया था।
एमडीडीए ने क्षेत्र में नोटिस बोर्ड चस्पा कर आम जनता से अपील की है कि अवैध प्लाटिंग में निवेश न करें और भूमि खरीदने से पहले आवश्यक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।











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