देहरादून: जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की है।
जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल द्वारा 02 आदतन एवं कुख्यात अपराधियों को 06 माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए गए हैं।
आसिफ पर दर्ज हैं कई संगीन मुकदमे
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की आख्या एवं कोतवाली विकासनगर की रिपोर्ट के आधार पर आसिफ पुत्र राशिद, निवासी मुस्लिम बस्ती, चौकी बाजार (विकासनगर) के खिलाफ कार्रवाई की गई।
आसिफ के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित IPC एवं BNS की विभिन्न धाराओं में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, अवैध हथियार और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं।
राहुल कश्यप भी अपराधों में लिप्त
इसी प्रकार राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप, निवासी जीवनगढ़ (विकासनगर) के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।
राहुल के खिलाफ चोरी, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम एवं IPC/BNS के तहत कई मामले दर्ज हैं।
जनता में भय का माहौल, गवाही देने से भी कतराते लोग
दोनों अभियुक्तों की छवि क्षेत्र में एक खतरनाक और दुस्साहसी अपराधी के रूप में रही है।
स्थिति यह रही कि कई मामलों में आम लोग इनके खिलाफ शिकायत या गवाही देने से भी डरते रहे।
नोटिस के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए आरोपी
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को विधिवत नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन पर्याप्त समय मिलने के बावजूद वे न तो उपस्थित हुए और न ही कोई आपत्ति दर्ज कराई।
06 माह तक जिले से बाहर रहने का आदेश
उपलब्ध साक्ष्यों और आपराधिक इतिहास के आधार पर, उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(3) के तहत:
- दोनों आरोपियों को गुंडा घोषित किया गया
- 06 माह तक देहरादून जिले से बाहर रहने का आदेश
- बिना अनुमति जिले में प्रवेश पर रोक
- निवास की जानकारी संबंधित थाना एवं न्यायालय को देना अनिवार्य
आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों पर लगातार जारी रहेगा सख्त एक्शन
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि
कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
असामाजिक और आपराधिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













