देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज में विभिन्न सामानों की खरीद के लिए चल रही Tender Process को लेकर विवाद सामने आया है। टेंडरों में शर्तों और तारीखों में बार-बार बदलाव किए जाने के आरोपों के बीच कॉलेज प्रशासन ने कंटीजेंसी, सेनेटरी और बिजली से जुड़े तीन टेंडर निरस्त कर दिए हैं। अब इन टेंडरों के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मामले में मैसर्स शिवम ट्रेडर्स के प्रबंधक की ओर से कॉलेज और निदेशालय स्तर पर शिकायत की गई थी। शिकायत में कॉलेज के दो अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि टेंडर की शर्तों और अंतिम तिथियों में बार-बार बदलाव किए गए, जिससे कुछ फर्मों को फायदा पहुंचाने की आशंका पैदा हुई।
करीब डेढ़ साल से टेंडर प्रक्रिया में अटके हैं कई काम
दून मेडिकल कॉलेज में कंप्यूटर, वस्त्र-बिस्तर, स्टेशनरी, सेनेटरी, बिजली और कंटीजेंसी से संबंधित टेंडर पिछले करीब डेढ़ साल से प्रक्रिया में उलझे हुए हैं। इसी प्रक्रिया को लेकर अब शिकायत और आपत्तियों के बाद कॉलेज प्रशासन ने तीन टेंडर निरस्त करने का निर्णय लिया है।
शिकायतकर्ता फर्म की ओर से आरोप लगाया गया कि टेंडर की शर्तों में बार-बार बदलाव किए गए और अंतिम तिथियों को भी आगे बढ़ाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद उनका उचित तरीके से निस्तारण नहीं किया गया।
68 लाख रुपये का सामान देने का दावा, अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर विवाद
मैसर्स शिवम ट्रेडर्स के प्रबंधक ने शिकायत में दावा किया है कि फर्म की ओर से करीब 68 लाख रुपये का सामान उपलब्ध कराया गया, लेकिन अनुभव प्रमाण पत्र से संबंधित मामला अटका हुआ है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अनुभव संबंधी शर्तों में बदलाव का असर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली फर्मों पर पड़ा। इसी को लेकर कॉलेज प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई।
पहले 5 लाख की शर्त, अब औसत के आधार पर 15 लाख
दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को सही नहीं बताया। उनका कहना है कि प्री-बिड मीटिंग में शामिल फर्मों की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर अनुभव की शर्त में बदलाव किया गया।
प्राचार्य के मुताबिक पहले अनुभव की शर्त 5 लाख रुपये सालाना रखी गई थी। बाद में इसे औसत के आधार पर तय किए जाने से यह राशि 15 लाख रुपये हो गई।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव किसी विशेष फर्म को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं किया गया।
शिकायत के बाद तीन टेंडर निरस्त
आपत्तियों और शिकायत के बाद दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कंटीजेंसी, सेनेटरी और बिजली के टेंडर निरस्त कर दिए हैं। अब इन कार्यों के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नई प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार कराई जाएगी।
निदेशक बोले- शिकायत मिली है, जांच कराई जाएगी
दून मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और कॉलेज प्रशासन के पक्ष के बीच तथ्यात्मक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दून मेडिकल कॉलेज टेंडर विवाद: क्या है पूरा मामला?
- दून मेडिकल कॉलेज में कई खरीद संबंधी टेंडर लंबे समय से प्रक्रिया में हैं।
- मैसर्स शिवम ट्रेडर्स की ओर से टेंडर प्रक्रिया को लेकर शिकायत की गई।
- शिकायत में शर्तों और अंतिम तारीखों में बदलाव का आरोप लगाया गया।
- कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए शर्तों में बदलाव को प्री-बिड सुझावों से जोड़कर बताया।
- शिकायत और आपत्तियों के बाद कंटीजेंसी, सेनेटरी और बिजली के तीन टेंडर निरस्त किए गए।
- इन टेंडरों के लिए अब दोबारा प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- निदेशक ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है।











