देहरादून/चमोली: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हुई बारिश और बर्फबारी के बाद हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। खासतौर पर बदरीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने से बाधित हो गए हैं। इससे आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चमोली जिले के ऊंचाई वाले गांवों—पाणा, ईराणी, झींझी, सुतोल, कनोल, रामणी और पडेरगांव सहित 50 से अधिक गांवों में बारिश के साथ बर्फबारी दर्ज की गई। हालांकि बर्फ ज्यादा समय तक नहीं टिकी और जल्दी पिघल गई, लेकिन इसके कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बदरीनाथ धाम में तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
ज्योतिर्मठ क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते पहाड़ दरकने लगे हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बदरीनाथ हाईवे गोविंदघाट के पास पिनोला क्षेत्र में बड़े-बड़े बोल्डर आने से पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं नीति-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी सालधर के पास भूस्खलन के कारण बाधित है। प्रशासन ने सीमा सड़क संगठन (BRO) को मार्ग जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं।
उधर, गंगोत्री हाईवे को बर्फबारी के कारण बंद होने के बाद खोलने के प्रयास जारी हैं। वहीं यमुनोत्री हाईवे जंगलचट्टी क्षेत्र में बाधित है, जहां मार्ग बहाल करने के लिए कार्य किया जा रहा है। दो दिन की लगातार खराब मौसम के बाद अब धूप निकलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन सड़कों के बंद होने से आवाजाही अभी भी प्रभावित है।
बर्फबारी का असर बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों पर भी पड़ा है। पिछले दो दिनों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए थे।
करीब 100 से अधिक श्रमिकों और परियोजना इकाई (PIU) के अभियंताओं को पांडुकेश्वर की ओर भेजा जा रहा था, लेकिन कंचन नाले के पास हिमखंड और मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया। ऐसे में मजदूरों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम और लगातार भूस्खलन के खतरे को देखते हुए श्रमिकों को पैदल मार्ग से भेजना जोखिम भरा था।
प्रशासन ने बताया कि जिले में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, मार्गों को खोलने का कार्य तेज किया जाएगा।
तीन दिनों से जारी बारिश और बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब में करीब तीन फीट और बदरीनाथ धाम में लगभग दो फीट ताजा बर्फ जम चुकी है। वहीं नीती और माणा घाटी के गांव भी बर्फ की चादर में ढक गए हैं।












