केंद्रीय बजट 2026-27 के एलानों का असर सोने-चांदी के बाजार पर साफ देखने को मिला। बजट के दिन ही कीमती धातुओं में जोरदार बिकवाली हुई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। MCX पर सोना और चांदी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सोने की कीमतों में 5% तक की गिरावट
बजट के दिन वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। MCX पर सोना करीब ₹7,653 टूटकर ₹1,42,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। यह गिरावट करीब 5 फीसदी की रही।
इससे पहले बीते सप्ताह सोना अपने रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था, लेकिन मुनाफावसूली और बजट को लेकर अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।
चांदी में 7% से ज्यादा की बड़ी टूट
चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट और भी ज्यादा तेज रही। MCX पर चांदी ₹22,648 लुढ़ककर ₹2,69,277 प्रति किलो पर आ गई। यानी एक ही दिन में चांदी ने 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की।
रिकॉर्ड हाई से सीधे भारी गिरावट
गौरतलब है कि गिरावट से ठीक एक दिन पहले चांदी ने इतिहास रच दिया था।
- 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई तक पहुंची थी
- लेकिन अगले ही कारोबारी दिन भाव ₹1.28 लाख से ज्यादा टूट गए
बजट से पहले रविवार को यह गिरावट और गहरी हो गई और चांदी करीब 9 फीसदी फिसलकर ₹2,65,652 प्रति किलो तक आ गई।
सोना भी रिकॉर्ड से फिसलकर बेहाल
सोने का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा।
- 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना गुरुवार को ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था
- इसके बाद इसमें ₹42,000 से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई
रविवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही सोना फिर दबाव में आ गया और करीब 8.8 फीसदी टूटकर ₹1,38,634 प्रति 10 ग्राम तक आ गया।
गिरावट की आशंका पहले से थी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार,
- बजट को लेकर बनी अनिश्चितता
- वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
- रिकॉर्ड स्तरों के बाद मुनाफावसूली
इन सभी कारणों से सोने-चांदी में गिरावट की उम्मीद पहले से जताई जा रही थी। चूंकि इस बार बजट रविवार को पेश हुआ, इसलिए कमोडिटी बाजार खुले रहे और इसका असर सीधे कीमतों पर दिखा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है। बजट के बाद अब बाजार वैश्विक संकेतों, डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों की दिशा पर नजर रखेगा।










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