हरिद्वार (लक्सर)। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायतों की जांच के लिए पहुंची खाद्य पूर्ति निरीक्षक और महिला राशन डीलर के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित तौर पर हाथापाई तक जा पहुंचा। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार लक्सर क्षेत्र की राशन डीलर सुषमा के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि वह पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन नहीं दे रही थीं, बल्कि केवल एक पर्ची थमाकर राशन रजिस्टर पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया जाता था। इसके अलावा ई-केवाईसी के नाम पर प्रति राशन कार्ड ₹10 की अवैध वसूली किए जाने की भी शिकायतें सामने आई थीं।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए खाद्य पूर्ति निरीक्षक बबीता जांच के लिए लक्सर गांव स्थित राशन दुकान पर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि निरीक्षक को अकेला देख राशन डीलर ने अपने समर्थकों को मौके पर बुला लिया और जांच में बाधा डालने का प्रयास किया गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में कथित हाथापाई में बदल गई।
स्थिति बिगड़ती देख खाद्य पूर्ति निरीक्षक ने तत्काल राशन दुकान को सील कर दिया और उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। मौके पर मौजूद कुछ मीडिया कर्मियों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
खाद्य पूर्ति निरीक्षक बबीता के अनुसार, आरोपी राशन डीलर के पास मिर्जापुर शादात, लक्सर गांव, बसेड़ी और सैठपुर सहित कई राशन दुकानें अटैच हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कई ग्रामीणों को वास्तविक रूप से राशन नहीं दिया गया और केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
वहीं दूसरी ओर राशन डीलर सुषमा ने भी पूर्ति निरीक्षक पर ₹50 हजार की रिश्वत मांगने और कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि निरीक्षक बबीता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
खाद्य पूर्ति निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।









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