देहरादून। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना एक डेयरी संचालक व पेशे से वकील को भारी पड़ गया। जिला अदालत ने मिलावटी और असुरक्षित पनीर बेचने के मामले में डेयरी संचालक अलीशेर कुरैशी पर कुल एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अदालत उठने तक की प्रतीकात्मक साधारण कारावास की सजा भी सुनाई गई है।
मामले की सुनवाई पंचम अपर सिविल जज अमित कुमार की अदालत में हुई। अभियुक्त अलीशेर कुरैशी ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि वर्तमान में वह वकालत के पेशे से जीवन यापन कर रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। उन्होंने अदालत से न्यूनतम सजा दिए जाने की अपील की।
अदालत ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए टिप्पणी की कि अभियुक्त को समाज का एक जिम्मेदार और सभ्य नागरिक बनने का अवसर दिया जाना विधि-सम्मत होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जेल भेजने के बजाय आर्थिक दंड और प्रतीकात्मक सजा को उचित माना।
मानकों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना
अदालत ने खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत पनीर बेचने पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं असुरक्षित खाद्य पदार्थ के मामले में 20 हजार रुपये का अतिरिक्त दंड निर्धारित किया गया। कुल मिलाकर अभियुक्त को एक लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया, तो अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में हुआ खुलासा
यह मामला उस समय सामने आया, जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अजबपुर खुर्द स्थित एक डेयरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पनीर के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट में पनीर को असुरक्षित और मिलावटी पाया गया।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कानूनी कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा और अब दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई।
मिलावट पर सख्त संदेश
यह फैसला न सिर्फ डेयरी संचालकों बल्कि खाद्य कारोबार से जुड़े सभी लोगों के लिए एक सख्त संदेश है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।










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