देहरादून। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, मिजोरम एवं पुडुचेरी के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के गौरव लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा (Lieutenant General M.M. Lakhera) का सोमवार को देहरादून के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। उनके निधन से सैन्य, प्रशासनिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न संगठनों और गणमान्य लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों के अनुसार, ले. जनरल लखेड़ा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और देहरादून के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। सोमवार को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनकी पुत्री अलका कुकरेती ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार, 30 जून को हरिद्वार में किया जाएगा। अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे उनके आवास 28ए, पनाश वैली, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून से शुरू होगी।
टिहरी गढ़वाल के जखंड गांव से देश की सर्वोच्च सैन्य सेवाओं तक का सफर
लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा का जन्म 21 अक्टूबर 1937 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के जखंड गांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय में हुई, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC), देहरादून से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1958 में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से कमीशन प्राप्त कर उन्होंने भारतीय सेना में अपना शानदार सैन्य सफर शुरू किया।
गोवा मुक्ति अभियान से लेकर 1965 और 1971 के युद्ध तक निभाई अहम भूमिका
ले. जनरल लखेड़ा ने भारतीय सेना में लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवाएं दीं। उन्होंने 1961 के गोवा मुक्ति अभियान, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने कश्मीर घाटी में ब्रिगेड की कमान संभाली और 4th Battalion, Kumaon Regiment का नेतृत्व भी किया।
उनकी असाधारण सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल के रूप में भी निभाई प्रभावशाली जिम्मेदारी
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद ले. जनरल एमएम लखेड़ा ने प्रशासनिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वर्ष 2004 से 2006 तक वे पुडुचेरी (तत्कालीन पांडिचेरी) के लेफ्टिनेंट गवर्नर रहे। इस दौरान 2004 की सुनामी के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों का प्रभावी संचालन किया।
इसके बाद वर्ष 2006 से 2011 तक उन्होंने मिजोरम के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं। साथ ही उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लेफ्टिनेंट गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।
सादगी, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के लिए हमेशा याद किए जाएंगे
लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा अपने सरल स्वभाव, अनुशासित जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। भारतीय सेना में उनकी सेवाएं और राज्यपाल के रूप में उनका प्रशासनिक अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
उनके निधन पर सैन्य, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।











