चंडीगढ़: पंजाबी इंफ्लूएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण और हत्या का केस दर्ज किया है। मंजीत कौर की मां कांता देवी की शिकायत पर सेक्टर-34 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। परिवार ने दो परिचितों पर मंजीत को अगवा कर मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में ले जाने और पेड़ से बांधकर आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
परिवार के मुताबिक यह घटना 3 जुलाई की देर रात की है। गंभीर रूप से झुलसी मंजीत कौर को पहले मोरिंडा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर किया गया। इसके बाद उसका मोहाली स्थित मैक्स अस्पताल में भी इलाज चला। 9 जुलाई को मंजीत कौर को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। करीब एक महीने बाद 5 अगस्त को उसे होश आया।
होश में आने के बाद भी बयान दर्ज नहीं होने का आरोप
मंजीत कौर की मां ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पीजीआई में इलाज के दौरान मंजीत ने अपने बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस को बुलाया था। परिवार के अनुसार पीजीआई चौकी की ओर से खरड़ सदर थाना पुलिस को भी सूचना दी गई थी कि मंजीत बयान देने की स्थिति में है।
आरोप है कि जांच अधिकारी को फोन पर जानकारी दिए जाने के बावजूद वह अस्पताल नहीं पहुंचे। परिवार ने यह भी कहा है कि इस संबंध में पीजीआई चौकी में डीडीआर दर्ज होने की बात सामने आई थी।
मामले में अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर घटना 3 जुलाई को हुई थी और पीड़िता बाद में पुलिस को अपना बयान देने की स्थिति में थी, तो उस समय हत्या के प्रयास या अन्य संबंधित धाराओं में मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया।
26 अगस्त को हुई मंजीत कौर की मौत
इलाज के दौरान 26 अगस्त को मंजीत कौर की मौत हो गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी मां की शिकायत पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया।
शिकायत में शुभी और पिंदा नाम के दो लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
CCTV और टोल प्लाजा के कैमरों की होगी जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस सेक्टर-34 और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मंजीत कौर को किस वाहन से ले जाया गया था और घटना के पीछे क्या वजह थी। इसके अलावा रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा के CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच के दायरे में लाई जाएगी।
अस्पतालों से भी मांगी जा सकती है जानकारी
पुलिस यह भी जांच करेगी कि मंजीत कौर के मोरिंडा अस्पताल, मोहाली के मैक्स अस्पताल और पीजीआई में इलाज के दौरान संबंधित पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई थी या नहीं।
अगर अस्पतालों की ओर से पुलिस को सूचना दी गई थी, तो उस सूचना पर उस समय क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जांच की जाएगी।
चंडीगढ़ SSP ने क्या कहा?
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर के मुताबिक, मंजीत कौर की मां की शिकायत मिलने के बाद अपहरण और हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और CCTV फुटेज समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंजीत कौर केस में बड़े सवाल
- 3 जुलाई की घटना के बाद पुलिस ने समय रहते केस क्यों दर्ज नहीं किया?
- मंजीत के होश में आने के बाद उसका बयान दर्ज क्यों नहीं हो पाया?
- अस्पतालों की ओर से पुलिस को घटना की सूचना दी गई थी या नहीं?
- मंजीत को किस वाहन से घटनास्थल तक ले जाया गया?
- घटना के पीछे की असली वजह क्या थी?
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, अस्पताल से जुड़ी जानकारी और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।











