रिपोर्ट : कार्तिक उपाध्याय
लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता भी लागू हो चुकी है और चुनाव की तिथियों की घोषणा भी हो चुकी है,अगर बात करें उत्तराखंड की तो प्रथम चरण में यानी 19 अप्रैल को राज्य की पांचो लोकसभा सीट पर मतदान होना है।
परंतु उससे पहले ही राजनीतिक दलों की और नेताओं की दल बदल की स्टोरी शुरू हो चुकी है,भाजपा जहां एक तरफ मजबूत धन बल और आईटी सेल से तो है ही,उसके अलावा कहीं ना कहीं कांग्रेस के नेताओं का पार्टी छोड़ भाजपा में जाना उसे और मजबूत बना रहा हैं।
पिछले दो दिनों में कांग्रेस के दो पूर्व विधायक पार्टी से इस्तीफा दे चुके थे,तो वहीं आज रविवार के दिन भी कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं आई,टिहरी से पूर्व कांग्रेस विधायक धन सिंह नेगी ने प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को अपना इस्तीफा लिख भेजा।
तो वही बद्रीनाथ से कांग्रेस के वर्तमान विधायक राजेंद्र भंडारी ने भी पार्टी से इस्तीफ़ा देकर नई दिल्ली में भाजपा ज्वाइन कर ली।
अब ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस के पास लोकसभा चुनाव का समुंदर तो है,कांग्रेस रूपी नाव भी है,लेकिन ना ही पतवार है ना ही नाव पार लगाने के लिए नाविक चूंकि जितने भी मजबूत कांग्रेस के स्तंभ थे,वह लगातार पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
कल देर शाम कांग्रेस के चॉकलेट फ्लेवर कहे जाने वाले हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गोसाई रावत में भी इस्तीफा दे दिया था और आज धन सिंह नेगी और राजेंद्र भंडारी का इस्तीफा बताता है कि कांग्रेस चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही एक तरह से चुनाव हार चुकी है।
हालांकि अभी कांग्रेस ने नैनीताल ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की हैं लेकिन इन सीटों पर भी प्रत्याशियों की घोषणा होते ही कई इस्तीफे सामने होंगे यह तय माना जा रहा हैं।
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