देहरादून: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने उत्तराखंड के पर्वतीय समुदाय को अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। सोमवार को राष्ट्रपति के देहरादून आगमन के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ता विधानसभा की ओर ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें एलआईसी रीजनल ऑफिस के पास ही रोक दिया।
जानकारी के अनुसार, एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में तैनात पुलिस बल ने राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं पर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी “उत्तराखंड के पर्वतीय समुदाय को जनजाति दर्जा दो” जैसे नारे लगाते हुए अपनी मांग पर अडिग रहे।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार मौके पर पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
पार्टी नेतृत्व के बयान
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि आज़ादी के बाद से अब तक लगभग ढाई सौ जातियों को जनजाति का दर्जा दिया जा चुका है, लेकिन उत्तराखंड से वर्ष 1974 में यह दर्जा वापस ले लिया गया था। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दर्जे को दोबारा बहाल करने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं संथाल जनजाति से हैं, इसलिए उम्मीद है कि वह उत्तराखंड के पर्वतीय समुदायों की इस जायज मांग को संवेदनशीलता से समझेंगी।
वहीं, महानगर अध्यक्ष नवीन पंत ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू–कश्मीर के पहाड़ी, पद्दारी और गड्डा ब्राह्मण समुदायों को जनजातीय दर्जा दिए जाने से यह विषय और अधिक प्रासंगिक एवं न्यायसंगत हो गया है।
उत्तराखंड आंदोलनकारी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सुशीला पटवाल ने कहा कि वर्ष 1965 में गठित लोकुर समिति ने अनुसूचित जनजातियों की पहचान हेतु पाँच मानदंड तय किए थे, जिनमें गढ़वाली और कुमाऊँनी समुदाय पूरी तरह खरे उतरते हैं।
पार्टी की प्रमुख मांगें:
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उत्तराखंड के समस्त पर्वतीय मूल निवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) का संवैधानिक दर्जा प्रदान किया जाए।
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उत्तराखंड के संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत घोषित किया जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख कार्यकर्ता:
शिवप्रसाद सेमवाल, सुलोचना ईष्टवाल, शशी रावत, मीना थपलियाल, बसंती गोस्वामी, सुशीला पटवाल, मंजू रावत, रेनू नवानी, सुनीता, नवीन पंत (महानगर अध्यक्ष), भगवती प्रसाद नौटियाल (सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष), भगवती गोस्वामी (जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ), दयाराम मनौड़ी, योगेश ईष्टवाल (जिला महामंत्री), सुभाष नौटियाल (संगठन सचिव), महावीर सिंह, प्रीतम नेगी, सोभित भद्री सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












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