बीते रोज सुमाड़ी भरदार और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के घोलतीर क्षेत्र में सामने आई दो घटनाओं ने समस्या की गंभीरता उजागर कर दी। लगातार हो रहे हमलों के बीच स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुमाड़ी में कुत्ते ने चार लोगों को काटा
सुमाड़ी भरदार क्षेत्र में एक आक्रामक कुत्ते ने अचानक लोगों पर हमला कर दिया। कुत्ते के काटने से चार लोग घायल हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद कुत्ते का रेस्क्यू किया और उसे ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया।
घोलतीर में बेकाबू गौवंश ने बच्चों और ग्रामीणों को दौड़ाया
दूसरी घटना बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित घोलतीर क्षेत्र की है। यहां एक निराश्रित गौवंश अचानक आक्रामक हो गया और बच्चों सहित स्थानीय ग्रामीणों को दौड़ाने लगा। गौवंश के हमलावर व्यवहार से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग, वन विभाग और गौ रक्षा विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद गौवंश को सुरक्षित काबू में कर रेंतोली स्थित निराश्रित गौवंश आश्रय स्थल पहुंचाया गया।
12 से अधिक लोग कुत्तों के हमले में घायल
घोलतीर के ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब तक 12 से अधिक लोगों के कुत्तों के काटने से घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, निराश्रित गौवंश भी सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों के पीछे दौड़कर हमले कर रहे हैं।
इससे खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
पशुओं को बेसहारा छोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग
घोलतीर के ग्राम प्रधान राकेश राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा और बॉबी राणा ने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए गौवंश का उपयोग करने के बाद उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देते हैं। ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों के कारण एक ओर गौवंश की दुर्दशा हो रही है, वहीं दूसरी ओर आमजन की जान भी खतरे में पड़ रही है।
उन्होंने प्रशासन से निराश्रित पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
गौ रक्षा विभाग ने भी जताई चिंता
गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि जनपद में निराश्रित गौवंश की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। गौवंश को बेसहारा छोड़ने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं तथा लोगों पर हमले का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की मांग की, ताकि इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
शिकायत मिलने पर रेस्क्यू कर रहा पशुपालन विभाग
पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी इन्द्रजीत ने बताया कि शिकायत मिलने पर पशुपालन विभाग और गौ रक्षा विभाग की टीमें तत्काल कार्रवाई कर रही हैं। आवारा एवं आक्रामक पशुओं के रेस्क्यू के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और इस प्रकार की घटनाओं की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देने की अपील की।
आवारा कुत्तों और निराश्रित गौवंश के बढ़ते हमलों ने एक बार फिर पशु प्रबंधन और जनसुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब स्थानीय लोगों को प्रशासन से ठोस और स्थायी कार्रवाई का इंतजार है।













