Saturday, February 7, 2026
  • About
  • Term & Condition
  • Privacy Policy
  • Contact
  • Home
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • मार्केट
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • वेल्थ
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
  • Home
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • मार्केट
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • वेल्थ
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
No Result
View All Result

Big breaking: UGC के नए जाति-भेदभाव नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, दुरुपयोग की आशंका पर लगाई रोक

January 29, 2026
in उत्तराखंड
Big breaking: UGC के नए जाति-भेदभाव नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, दुरुपयोग की आशंका पर लगाई रोक
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा अधिसूचित जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा से जुड़े नए नियमों पर अहम टिप्पणी करते हुए अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि नियमों में प्रयुक्त शब्दों से यह संकेत मिलता है कि इनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इन नियमों की संवैधानिकता और वैधता के दायरे में ही जांच कर रही है।

You might also like

बाल अधिकारों की पाठशाला: रायपुर के स्कूलों में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जागरूकता अभियान

वैक्सीनेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा! एक नंबर–कई नाम, लाखों का खेल उजागर

नाबालिग गर्भवती मामला: ‘लव जिहाद’ के आरोप पर कोतवाली घेराव, बाजार बंद

कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह शैक्षणिक संस्थानों में स्वतंत्र, समान और समावेशी माहौल चाहती है, जहां किसी भी छात्र या शिक्षक के साथ भेदभाव न हो। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि किसी भी नियम का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि विवाद और असमानता को बढ़ावा देना।

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों के आधार पर 13 जनवरी 2026 को नए नियम अधिसूचित किए थे। इन नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समता समिति (Equity Committee) का गठन अनिवार्य किया गया था, ताकि भेदभाव की शिकायतों की जांच की जा सके और समानता को बढ़ावा दिया जा सके।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 के अनुसार, इन समितियों में

  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
  • अनुसूचित जाति (SC)
  • अनुसूचित जनजाति (ST)
  • दिव्यांगजन
  • महिला प्रतिनिधि

को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, नियमों में सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया।

याचिकाकर्ताओं की आपत्ति

इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं में कहा गया है कि यूजीसी ने जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा को केवल एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों तक सीमित कर दिया है, जबकि भेदभाव किसी भी वर्ग के साथ हो सकता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह परिभाषा समानता के संवैधानिक सिद्धांत के विपरीत है।

देशभर में विरोध

नए नियमों के खिलाफ देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यूजीसी इन नियमों को तत्काल वापस ले और सभी वर्गों के लिए समान और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करे।

अब सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार और यूजीसी के जवाब का इंतजार करेगी। तब तक जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा से जुड़े इन नियमों पर रोक जारी रहेगी।

 

Tags: Caste Based Discrimination CaseCaste DiscriminationEducation News IndiaEquality Committee UGChigher education IndiaLatest Legal News IndiaSC on UGC RulesSupreme CourtSupreme Court stayUGC Caste RuleUGC Guidelines 2026UGC Regulations

Previous Post

चारधाम और बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को लेकर सरकार सख्त, धारण क्षमता तय करने की तैयारी तेज

Next Post

Breaking: प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम, देहरादून में हाईटेक क्रैशर मशीन लॉन्च

Seemaukb

Seemaukb

Hi, I’m Seema Rawat, a passionate journalist and blogger. I’ve been writing for a long time on a variety of topics including sports, technology, finance, government jobs, health, and wealth. Through my articles and blogs, I aim to share reliable information, practical insights, and inspiring stories that help readers stay informed and empowered.

Related Posts

बाल अधिकारों की पाठशाला: रायपुर के स्कूलों में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जागरूकता अभियान
उत्तराखंड

बाल अधिकारों की पाठशाला: रायपुर के स्कूलों में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जागरूकता अभियान

by Seemaukb
February 6, 2026
वैक्सीनेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा! एक नंबर–कई नाम, लाखों का खेल उजागर
उत्तराखंड

वैक्सीनेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा! एक नंबर–कई नाम, लाखों का खेल उजागर

by Seemaukb
February 6, 2026
Next Post
Breaking: प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम, देहरादून में हाईटेक क्रैशर मशीन लॉन्च

Breaking: प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम, देहरादून में हाईटेक क्रैशर मशीन लॉन्च

Discussion about this post

Categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • नौकरी
  • मार्केट
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • वेल्थ
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Recommended

भाजपा प्रत्याशी की जबान फिसली या सच निकल गया मुंह से,बोले मेरी गलती की सजा मोदी जी को मत देना

भाजपा प्रत्याशी की जबान फिसली या सच निकल गया मुंह से,बोले मेरी गलती की सजा मोदी जी को मत देना

April 6, 2024
योग से लेकर तेज चलना:कैंसर के खतरे से बचना है तो करे ये काम

योग से लेकर तेज चलना:कैंसर के खतरे से बचना है तो करे ये काम

November 18, 2023

Don't miss it

बाल अधिकारों की पाठशाला: रायपुर के स्कूलों में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जागरूकता अभियान
उत्तराखंड

बाल अधिकारों की पाठशाला: रायपुर के स्कूलों में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जागरूकता अभियान

February 6, 2026
मच्छी बाजार हत्याकांड के बाद फिर खून से लाल देहरादून, युवती पर चापड़ से हमला
क्राइम

मच्छी बाजार हत्याकांड के बाद फिर खून से लाल देहरादून, युवती पर चापड़ से हमला

February 6, 2026
वैक्सीनेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा! एक नंबर–कई नाम, लाखों का खेल उजागर
उत्तराखंड

वैक्सीनेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा! एक नंबर–कई नाम, लाखों का खेल उजागर

February 6, 2026
देहरादून में स्वास्थ्य की महा-सेवा: 10 फरवरी को इन्दिरेश अस्पताल में फ्री एमआरआई से ऑपरेशन तक सब कुछ निःशुल्क
हेल्थ

देहरादून में स्वास्थ्य की महा-सेवा: 10 फरवरी को इन्दिरेश अस्पताल में फ्री एमआरआई से ऑपरेशन तक सब कुछ निःशुल्क

February 6, 2026
नाबालिग गर्भवती मामला: ‘लव जिहाद’ के आरोप पर कोतवाली घेराव, बाजार बंद
उत्तराखंड

नाबालिग गर्भवती मामला: ‘लव जिहाद’ के आरोप पर कोतवाली घेराव, बाजार बंद

February 5, 2026
नशा मुक्त युवा, विकसित भारत का भविष्य: देहरादून के CNI गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुआ युवा संवाद कार्यक्रम
उत्तराखंड

नशा मुक्त युवा, विकसित भारत का भविष्य: देहरादून के CNI गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुआ युवा संवाद कार्यक्रम

February 5, 2026
Uttarkhand Brodcast Logo

Recent Posts

  • बाल अधिकारों की पाठशाला: रायपुर के स्कूलों में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जागरूकता अभियान
  • मच्छी बाजार हत्याकांड के बाद फिर खून से लाल देहरादून, युवती पर चापड़ से हमला
  • वैक्सीनेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा! एक नंबर–कई नाम, लाखों का खेल उजागर

Browse by categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • नौकरी
  • मार्केट
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • वेल्थ
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Calendar

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
« Jan    

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.

No Result
View All Result
  • Home
  • राजनीती
  • शिक्षा
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • हादसा
  • क्रिकेट
  • नौकरी
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.