समारोह में कैंसर सर्वाइवर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “कैंसर से डरने की नहीं, बल्कि हिम्मत और भरोसे के साथ लड़ने की जरूरत है”। इस दौरान कैंसर योद्धाओं को उनके परिवार सहित सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डॉ. अशोक नायक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, डॉ. मनोज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी, वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रचित आहूजा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सर्वाइवर्स बोले – इलाज कठिन, लेकिन हौसला मजबूत रहा
कैंसर योद्धाओं ने बताया कि कीमोथेरैपी, सर्जरी और रेडिएशन का सफर भले ही चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अस्पताल की मेडिकल टीम और परिवार के सहयोग ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की ताकत दी।
वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी ने कहा कि कैंसर सर्वाइवर्स की जिंदादिली यह संदेश देती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और समय पर इलाज से कैंसर पर विजय संभव है। ऐसे कार्यक्रम डॉक्टरों को भी प्रेरित करते हैं कि वे उपचार को और बेहतर बनाएं।
कैंसर अंत नहीं, नई शुरुआत – विशेषज्ञ
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रचित आहूजा ने कहा कि कैंसर योद्धाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य समाज में यह जागरूकता फैलाना है कि कैंसर जीवन का अंत नहीं है, बल्कि सही उपचार और सकारात्मक सोच से नई शुरुआत का अवसर है।
वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टि से कैंसर के उपचार विकल्प लगातार बढ़ रहे हैं और शुरुआती जांच से इलाज की सफलता दर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. कमल शर्मा ने सलाह दी कि बीड़ी–सिगरेट का सेवन करने वाले लोग यदि पेशाब में खून देखें तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत यूरोलॉजिस्ट या कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श लें।
अस्पताल प्रबंधन ने किया संघर्ष को सलाम
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज गुप्ता ने कहा कि कैंसर योद्धाओं की हिम्मत और उनकी यात्रा पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सभी सर्वाइवर्स को उनके संघर्ष के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से नमन किया।
कार्यक्रम में कैंसर सर्जरी विभाग, यूरोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सभी चिकित्सक और स्टाफ मौजूद रहे














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