नए नगर निकायों को मिलेगी आधुनिक पेयजल सुविधा
पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने कई नए नगर निकाय बनाए हैं। इन क्षेत्रों में पेयजल की मूलभूत सुविधाएँ अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई थीं। अब पेयजल निगम की इस परियोजना को प्रारंभिक मंज़ूरी मिल चुकी है, और नए साल में इसके लिए फंडिंग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
किन नगर निकायों को मिल सकता है लाभ?
पेयजल निगम ने जिन संभावित नगर निकायों को चिह्नित किया है, उनमें शामिल हैं—
सेलाकुई, चकराता टाउनशिप, कैंप्टी, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग, नंद्रप्रयाग, गोपेश्वर, भीमताल, भवाली, महुआडाबरा, दिनेशपुर, पाडली गुज्जर, रामपुर, इमलीखेड़ा, चिन्यालीसौड़, पुरोला और बड़कोट।
इनमें से अधिकतर नगर निकाय हाल ही में गठित हुए हैं, जहाँ पेयजल की स्थायी व्यवस्था बड़ी जरूरत बन चुकी है।
परियोजना का बजट—कहाँ खर्च होंगे 1600 करोड़?
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₹1255 करोड़ → पेयजल योजनाओं के निर्माण पर
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शेष राशि → लीकेज मरम्मत, पाइपलाइन सुधार और सौर ऊर्जा के उपयोग पर
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पेयजल आपूर्ति को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए Solar Projects भी लगाए जाएंगे, जिससे बिजली खर्च में काफी कमी आएगी और आपूर्ति भी स्थिर रहेगी।
वर्ल्ड बैंक की ओर से ‘सैद्धांतिक सहमति’
मुख्य अभियंता (मुख्यालय) संजय सिंह के अनुसार, वर्ल्ड बैंक ने प्रोजेक्ट पर अपनी सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है। उनकी टीम जल्द ही राज्य का दौरा करेगी, जिसके बाद परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है।










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