देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न जनपदों में जिला नियोजन एवं अनुश्रवण समितियों (District Planning & Monitoring Committees) के प्रभावी संचालन के लिए प्रभारी मंत्रियों की नई तैनाती की है। यह कदम विकास कार्यों की गति बढ़ाने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस संबंध में प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुन्दरम द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहले से लागू सभी आदेशों को निरस्त कर दिया गया है और अब नई सूची के अनुसार ही मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
नई तैनाती को राज्यपाल की मिली स्वीकृति
सरकारी आदेश के अनुसार, नई व्यवस्था को राज्यपाल की स्वीकृति भी मिल चुकी है और इसे तुरंत लागू कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य जिले स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाना और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
11 मंत्रियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
शासन द्वारा जारी नई सूची के मुताबिक प्रदेश के 11 मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रभारी मंत्रियों के द्वारा विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा।
प्रभारी मंत्री और आवंटित जनपद
- मंत्री सतपाल महाराज – हरिद्वार
- मंत्री गणेश जोशी – टिहरी एवं रुद्रप्रयाग
- मंत्री डॉ. धन सिंह रावत – अल्मोड़ा
- मंत्री सुबोध उनियाल – देहरादून
- मंत्री श्रीमती रेखा आर्य – पिथौरागढ़
- मंत्री सौरभ बहुगुणा – उत्तरकाशी
- मंत्री खजान दास – नैनीताल
- मंत्री भरत चौधरी – चमोली एवं चम्पावत
- मंत्री मदन कौशिक – पौड़ी
- मंत्री प्रदीप बत्रा – उधमसिंहनगर
- मंत्री राम सिंह कैड़ा – बागेश्वर
सरकार का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि नई तैनाती से जिले स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी और समन्वय और प्रभावी होगा। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और योजनाओं का कार्यान्वयन तेज एवं पारदर्शी होगा।
इस नई व्यवस्था से उत्तराखंड में जिले स्तर पर विकास की गति बढ़ाने और योजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावनाएं मजबूत होंगी।













