उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि नैनीताल स्थित सैनेटोरियम हॉस्पिटल को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में विकसित करने की सहमति दे दी गई है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने हेतु एक निजी संस्था की नियुक्ति भी की जा चुकी है।
खंडपीठ ने सरकार को एक सप्ताह के भीतर मास्टर प्लान और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति पर चिंता
अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने याचिका दायर कर यह मुद्दा उठाया है कि प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में—
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मरीजों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं
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स्टाफ की भारी कमी
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मशीनें खराब और अनुपयोगी
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गंभीर मरीजों को मजबूरी में हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है
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इंडियन हेल्थ स्टैंडर्ड (IHS) के मानकों का पालन नहीं
याचिका में उच्च न्यायालय से मांग की गई कि सरकार सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करे, ताकि दूर-दराज़ के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
दुष्यंत मैनाली, अधिवक्ता हाईकोर्ट










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