Wednesday, October 21, 2026
  • About
  • Contact
  • Home
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
No Result
View All Result

उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार का बड़ा फैसला! शुक्रवार की छुट्टी खत्म, अब रविवार को अवकाश?

October 21, 2026
in उत्तराखंड
उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार का बड़ा फैसला! शुक्रवार की छुट्टी खत्म, अब रविवार को अवकाश?
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

Dehradun News: उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त मदरसों में अब शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का तर्क है कि स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। इस बदलाव के साथ मदरसों में नियमित स्कूली शिक्षा, मान्यता और निर्धारित पाठ्यक्रम को लेकर भी व्यवस्था सख्त की जा रही है।

उत्तराखंड में मदरसों की छुट्टी को लेकर क्या है नया नियम?

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त मदरसों को सामान्य स्कूलों की व्यवस्था के अनुरूप संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार, जिन संस्थानों को स्कूल के रूप में मान्यता दी गई है, उन पर संबंधित शैक्षिक नियम लागू होंगे। इसी क्रम में साप्ताहिक अवकाश रविवार को रखने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है।

You might also like

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार

UKSSSC Exam Postponed: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को झटका! कनिष्ठ सहायक समेत कई परीक्षाएं स्थगित

जौनसारी ST का सच क्या? 1967 के आदेश से 2003 की फाइल तक, पहचान पर बड़ा सवाल!

इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में एक समान शैक्षिक व्यवस्था सुनिश्चित करना और निर्धारित नियमों के तहत पढ़ाई संचालित कराना है। हालांकि, संबंधित संस्थानों के लिए लागू आदेश और उनकी मान्यता की शर्तों के अनुसार नियमों की स्थिति देखना जरूरी होगा।

मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्था

राज्य में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को नए ढांचे में लाने के लिए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत मुस्लिम समुदाय के अलावा सिख, पारसी, जैन और बौद्ध समुदायों के शिक्षण संस्थानों को भी शामिल किया गया है।

सरकार का जोर इन संस्थानों में निर्धारित पाठ्यक्रम, नियमित स्कूली शिक्षा और मान्यता से जुड़े मानकों को लागू करने पर है। इसके तहत संस्थानों को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी और संबंधित विभागों के नियमों के अनुरूप संचालन करना होगा।

उत्तराखंड में 76 मदरसों को स्कूल के रूप में मिली मान्यता

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पहले उत्तराखंड मदरसा बोर्ड से 452 संस्थान मान्यता प्राप्त थे। नए ढांचे के तहत दोबारा आवेदन करने वाले संस्थानों में से 76 को स्कूल के रूप में मान्यता मिल चुकी है, जबकि 114 आवेदन शिक्षा विभाग के पास लंबित बताए गए हैं।

जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक, चार जिलों में मान्यता प्राप्त संस्थानों की स्थिति इस प्रकार है:

  • देहरादून: 41 संस्थानों में से 6 को मान्यता मिली।
  • हरिद्वार: 270 संस्थानों में से 44 को मान्यता मिली।
  • नैनीताल: 18 संस्थानों में से 2 को मान्यता मिली।
  • ऊधम सिंह नगर: 119 संस्थानों में से 24 को मान्यता मिली।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मान्यता की प्रक्रिया अभी जारी है। जिन संस्थानों के आवेदन लंबित हैं, उन्हें संबंधित विभाग की प्रक्रिया और निर्धारित शर्तों के अनुसार आगे की कार्रवाई पूरी करनी होगी।

बिना मान्यता संचालित संस्थानों पर होगी कार्रवाई

अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, सरकार ने पहले चरण में 250 अवैध मदरसों को सील किया था। बताया गया कि ये संस्थान मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं थे। कुछ संस्थानों में दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर पढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक अनुमति और मान्यता के बिना संबंधित संस्थानों का संचालन नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा व्यवस्था पर क्या कहा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना और शिक्षण संस्थानों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। सरकार के अनुसार, मान्यता प्राप्त स्कूलों को शिक्षा विभाग के नियमों के अनुरूप ही संचालित होना होगा।

इसी नीति के तहत मदरसों को भी नियमित स्कूली शिक्षा की व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का रुख है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को नियमों के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तराखंड में मदरसों की व्यवस्था में क्या-क्या बदलेगा?

उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बदलावों में रविवार को साप्ताहिक अवकाश, स्कूल के रूप में मान्यता, निर्धारित पाठ्यक्रम और संस्थानों के संचालन की निगरानी प्रमुख मुद्दे हैं। हालांकि, इन नियमों का वास्तविक अनुपालन संबंधित संस्थान की मान्यता और उस पर लागू सरकारी आदेशों के अनुसार होगा।

निष्कर्ष: उत्तराखंड सरकार मदरसों को नियमित स्कूली शिक्षा के ढांचे के अनुरूप संचालित करने की दिशा में कदम उठा रही है। 76 संस्थानों को स्कूल के रूप में मान्यता मिलने और 114 आवेदनों के लंबित होने के बीच अब मान्यता प्रक्रिया, साप्ताहिक अवकाश और शिक्षा विभाग के नियमों पर सबकी नजर है।

 

 

Tags: dehradun newsMadarsa Sunday HolidayUttarakhand education newsUttarakhand Madarsa HolidayUttarakhand Madarsa News Hindi
Previous Post

Dehradun Crime: न्यूज प्लेटफॉर्म की आड़ में ब्लैकमेलिंग का आरोप, ₹5 लाख मांगे; हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

Next Post

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार

Seemaukb

Seemaukb

Hi, I’m Seema Rawat, a passionate journalist and blogger. I’ve been writing for a long time on a variety of topics including sports, technology, finance, government jobs, health, and wealth. Through my articles and blogs, I aim to share reliable information, practical insights, and inspiring stories that help readers stay informed and empowered.

Related Posts

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार
उत्तराखंड

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार

by Seemaukb
October 21, 2026
UKSSSC Exam 2026: UKSSSC की दो परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, पशुधन प्रसार अधिकारी परीक्षा में 79.89% अभ्यर्थियों की उपस्थिति
उत्तराखंड

UKSSSC Exam Postponed: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को झटका! कनिष्ठ सहायक समेत कई परीक्षाएं स्थगित

by Seemaukb
October 20, 2026
Next Post
1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार

Categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • देश-दुनिया
  • नौकरी
  • बाजार समाचार
  • मनी और निवेश
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Recommended

58 करोड़ मंजूर, फिर भी 13 साल से सड़क नहीं! गर्भवती महिलाओं को कुर्सी पर ढो रहे ग्रामीण

58 करोड़ मंजूर, फिर भी 13 साल से सड़क नहीं! गर्भवती महिलाओं को कुर्सी पर ढो रहे ग्रामीण

May 22, 2026
कैसे चुकाएं क्रेडिट कार्ड का बिल। समय पर बिल न चुकाने के क्या है नुकसान

कैसे चुकाएं क्रेडिट कार्ड का बिल। समय पर बिल न चुकाने के क्या है नुकसान

October 24, 2023

Don't miss it

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार
उत्तराखंड

1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार

October 21, 2026
उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार का बड़ा फैसला! शुक्रवार की छुट्टी खत्म, अब रविवार को अवकाश?
उत्तराखंड

उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार का बड़ा फैसला! शुक्रवार की छुट्टी खत्म, अब रविवार को अवकाश?

October 21, 2026
Dehradun Crime: न्यूज प्लेटफॉर्म की आड़ में ब्लैकमेलिंग का आरोप, ₹5 लाख मांगे; हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
क्राइम

Dehradun Crime: न्यूज प्लेटफॉर्म की आड़ में ब्लैकमेलिंग का आरोप, ₹5 लाख मांगे; हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

October 20, 2026
यशपाल बेनाम किसके साथ जाएंगे? हरक सिंह रावत के दावे ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
राजनीती

यशपाल बेनाम किसके साथ जाएंगे? हरक सिंह रावत के दावे ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी

October 20, 2026
UKSSSC Exam 2026: UKSSSC की दो परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, पशुधन प्रसार अधिकारी परीक्षा में 79.89% अभ्यर्थियों की उपस्थिति
उत्तराखंड

UKSSSC Exam Postponed: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को झटका! कनिष्ठ सहायक समेत कई परीक्षाएं स्थगित

October 20, 2026
जौनसारी ST का सच क्या? 1967 के आदेश से 2003 की फाइल तक, पहचान पर बड़ा सवाल!
उत्तराखंड

जौनसारी ST का सच क्या? 1967 के आदेश से 2003 की फाइल तक, पहचान पर बड़ा सवाल!

October 19, 2026
Uttarkhand Brodcast Logo

Uttarakhand Broadcast

Uttarakhand Broadcast एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जहाँ आपको उत्तराखंड, भारत और दुनिया भर की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, शिक्षा और स्थानीय अपडेट्स सबसे पहले और सटीक जानकारी के साथ मिलते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाना है।

Recent Posts

  • 1967 में ST सूची, 2003 में ‘क्षेत्रीय शब्द’! जौनसारी पहचान पर सवाल बरकरार
  • उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार का बड़ा फैसला! शुक्रवार की छुट्टी खत्म, अब रविवार को अवकाश?
  • Dehradun Crime: न्यूज प्लेटफॉर्म की आड़ में ब्लैकमेलिंग का आरोप, ₹5 लाख मांगे; हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

Browse by categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • देश-दुनिया
  • नौकरी
  • बाजार समाचार
  • मनी और निवेश
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Calendar

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.

No Result
View All Result
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.