नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा तेज है। खासतौर पर 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से चिंता बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर रिटायर्ड एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में स्पष्ट प्रावधान शामिल करने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि करीब 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स यह जानना चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग के तहत उनकी पेंशन का पुनरीक्षण किस तरह और किस दायरे में किया जाएगा। REWA ने सरकार से मांग की है कि नियमों में स्पष्ट रूप से लिखा जाए कि 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स भी पेंशन रिवीजन के दायरे में होंगे।
8वें वेतन आयोग के नियमों को लेकर कहां है असमंजस?
REWA के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के एक प्रावधान में डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी (DCRG), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) और पेंशन व्यवस्था की समीक्षा जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
एसोसिएशन का दावा है कि संबंधित प्रावधान में इन विषयों का उल्लेख कर्मचारियों के संदर्भ में किया गया है, लेकिन 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसी वजह से पेंशनर्स संगठनों की ओर से नियमों को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।
हालांकि, नियमों में स्पष्ट उल्लेख नहीं होने का यह मतलब नहीं है कि पुराने पेंशनर्स को पेंशन संशोधन का लाभ नहीं मिलेगा। फिलहाल मुख्य मुद्दा यह है कि सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट और लिखित स्थिति सामने नहीं आई है।
पुराने वेतन आयोगों का भी दिया हवाला
REWA ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में पिछले वेतन आयोगों के टर्म्स ऑफ रेफरेंस का भी हवाला दिया है। एसोसिएशन के अनुसार, 5वें और 6ठे वेतन आयोग के संदर्भों में पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का स्पष्ट उल्लेख किया गया था।
इसी तरह 7वें वेतन आयोग के संदर्भ में भी सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ और पहले से रिटायर हो चुके पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया था। ऐसे में 8वें वेतन आयोग के मौजूदा टर्म्स ऑफ रेफरेंस में स्पष्टता नहीं होने को लेकर पेंशनर्स संगठनों ने सवाल उठाए हैं।
वित्त मंत्रालय से भी मांगा जा चुका है स्पष्टीकरण
REWA का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी वित्त मंत्री और वित्त सचिव के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखी गई थी। एसोसिएशन के मुताबिक, अभी तक इस संबंध में स्पष्ट आधिकारिक जवाब नहीं मिलने के कारण पेंशनर्स के बीच असमंजस बना हुआ है।
पेंशनर्स संगठनों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द यह स्पष्ट करे कि 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन रिवीजन का लाभ किस प्रकार मिलेगा।
PM मोदी से दो प्रमुख मांगें
REWA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में औपचारिक संशोधन कर 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को स्पष्ट रूप से इसके दायरे में शामिल किया जाए।
दूसरी मांग है कि जब तक टर्म्स ऑफ रेफरेंस में बदलाव नहीं होता, तब तक केंद्र सरकार की ओर से अंतरिम प्रेस नोट या आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि पेंशनर्स के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सके।
फिलहाल 8वें वेतन आयोग को लेकर पेंशनर्स की सबसे बड़ी चिंता यही है कि पुराने पेंशनर्स की पेंशन का पुनरीक्षण किस नियम और किस फार्मूले के तहत होगा। अब निगाहें सरकार की ओर से आने वाले आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।











