देहरादून। उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Special Task Force Uttarakhand (एसटीएफ) ने एसएससी एमटीएस परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गैंग अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के नाम पर 10 लाख रुपये तक की रकम वसूलता था।
रिमोट एक्सेस और कंप्यूटर हैकिंग से करवा रहे थे नकल
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी हाईटेक तरीके से परीक्षा में हस्तक्षेप कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य कंप्यूटर हैकिंग और रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करते थे। इस तकनीक के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान बाहरी सहायता उपलब्ध कराई जाती थी।
दो आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार (निवासी देवरिया, उत्तर प्रदेश) और भास्कर नैथानी (निवासी देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया है, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
10 लाख रुपये में ‘गारंटी पास’ का दावा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने की गारंटी देते थे और इसके एवज में प्रति उम्मीदवार करीब 10 लाख रुपये तक वसूलते थे। आशंका है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। एसटीएफ पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया और किन-किन परीक्षाओं में इस तरह की साजिश रची गई।












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