रुद्रप्रयाग। कर्णप्रयाग विवाद के बाद अब रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे को लेकर नया विवाद सामने आया है। गुरुद्वारे की छत पर कुछ निहंग सिखों के डटे रहने से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन और पुलिस द्वारा किए जा रहे वार्ता और समझाइश के प्रयास अब तक सफल नहीं हो सके हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने लगाए गंभीर आरोप
गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि छत पर मौजूद लोग किसी मान्यता प्राप्त निहंग संगठन या पंजीकृत समिति से संबंधित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी गतिविधियों से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भय का वातावरण बन गया है।
बेहंत सिंह के अनुसार, कुछ लोग बाइक और पैदल गुरुद्वारे पहुंचे और आते ही सेवादारों के साथ विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
कब्जे और मारपीट का आरोप
गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप है कि संबंधित लोगों ने गुरुद्वारे परिसर पर कब्जा जमाने की कोशिश की तथा एक बाबा और सेवादारों के साथ मारपीट की। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया।
बुजुर्ग को बंधक बनाने का दावा
प्रबंधन ने दावा किया है कि छत पर मौजूद लोगों ने दो व्यक्तियों को अपने कब्जे में लिया था। इनमें से एक युवक को मुक्त करा लिया गया, जबकि करीब 60 वर्षीय एक बुजुर्ग अभी भी उनके कब्जे में होने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
सोलर सिस्टम में तोड़फोड़ और पानी की सप्लाई बाधित करने का आरोप
बेहंत सिंह ने आरोप लगाया कि छत पर मौजूद लोगों ने गुरुद्वारे के सोलर सिस्टम को नुकसान पहुंचाया है और पानी की आपूर्ति भी बाधित कर दी है। इससे गुरुद्वारे में रहने वाले श्रद्धालुओं और प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने भी फोन पर बातचीत कर संबंधित लोगों से नीचे उतरने और विवाद समाप्त करने की अपील की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
तीन निहंग सिखों की रिहाई की मांग
जानकारी के अनुसार, छत पर डटे लोगों की प्रमुख मांगों में कर्णप्रयाग विवाद के बाद जेल भेजे गए तीन निहंग सिखों की रिहाई भी शामिल है। प्रशासन ने उनकी मांगों को सुनने और समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन गतिरोध बरकरार है।
कर्णप्रयाग विवाद के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
16 जून को कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद से पूरे क्षेत्र में संवेदनशील स्थिति बनी हुई है। ऐसे में नगरासू गुरुद्वारे का यह मामला प्रशासन के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित नगरासू में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने गुरुद्वारे के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों में चिंता
लगातार जारी गतिरोध के कारण स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मामले का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि सामान्य स्थिति बहाल हो सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने के प्रयास लगातार जारी हैं।











