देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग कर कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट के इन निर्णयों का प्रभाव शिक्षा, पर्यटन, कर्मचारी हित, कौशल विकास और प्रशासनिक व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
1. पिथौरागढ़ में बनेगा ‘नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान’
कैबिनेट ने पिथौरागढ़ में ‘नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान’ की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
2. उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026 को मंजूरी
राज्य में रिवर राफ्टिंग गतिविधियों को व्यवस्थित और नियमानुसार संचालित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है। नई नियमावली लागू होने के बाद रिवर राफ्टिंग संचालन के लिए नई व्यवस्था प्रभावी होगी।
3. अक्षय पात्र किचन का होगा विस्तार
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित अक्षय पात्र किचन का विस्तार किया जाएगा। अब तक यह सुविधा देहरादून और हल्द्वानी में उपलब्ध थी, जबकि अब श्रीनगर को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके बाद श्रीनगर क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
4. वर्क चार्ज कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ
कैबिनेट ने कार्य भंडारण (वर्क चार्ज) कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे संबंधित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार लाभ मिल सकेगा।
5. कौशल विकास और सेवायोजन विभाग का एकीकरण
सरकार ने कौशल विकास विभाग और सेवायोजन विभाग का एकीकरण करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
6. बग्गा-54, बापूग्राम और बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया शुरू
कैबिनेट ने बग्गा-54, बापूग्राम और बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो आवश्यक प्रस्ताव तैयार करेगी।
7. मदरसों की आर्थिक सहायता समाप्त
कैबिनेट ने मदरसों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता समाप्त करने के निर्णय पर भी मुहर लगा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मान्यता समाप्त होने के बाद आर्थिक सहायता का प्रावधान भी समाप्त किया जा रहा है।
8. अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के लिए अलग बजट
कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के संचालन के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा, जिससे प्राधिकरण का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
कई क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
धामी सरकार के इन फैसलों का प्रभाव शिक्षा, पर्यटन, कर्मचारी कल्याण, कौशल विकास, अल्पसंख्यक शिक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं के संचालन में सुधार आएगा।











