भारत में सेकंड हैंड कारों का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। पहले जहां यह बाजार असंगठित तरीके से संचालित होता था, वहीं अब Cars24, Spinny जैसे संगठित प्लेटफॉर्म्स के आने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है। सर्टिफाइड इंस्पेक्शन, पारदर्शी कीमत, वारंटी और आसान फाइनेंसिंग जैसी सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग अब प्री-ओन्ड कारों की ओर रुख कर रहे हैं।
सेकंड हैंड मार्केट में हैचबैक और SUV की सबसे ज्यादा मांग
वित्तवर्ष 2026 के उपलब्ध इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, यूज्ड कार बाजार में सबसे अधिक हिस्सेदारी हैचबैक कारों की है। कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी लगभग 46 प्रतिशत है। खासतौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम कीमत और कम मेंटेनेंस के कारण हैचबैक कारें पहली पसंद बनी हुई हैं।
वहीं, SUV सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़कर करीब 32 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। विशेष रूप से एंट्री-लेवल और कॉम्पैक्ट SUV की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है।
यूज्ड मार्केट में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारें
Cars24 के आंकड़ों के अनुसार सेकंड हैंड बाजार में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कारें इस प्रकार हैं—
- मारुति सुजुकी बलेनो – 15.5% मार्केट शेयर
- हुंडई ग्रैंड i10 – 13.2% मार्केट शेयर
- रेनो क्विड – 11.3% मार्केट शेयर
- टाटा नेक्सन – 11% मार्केट शेयर
- हुंडई क्रेटा – 7.1% मार्केट शेयर
इन मॉडलों की लोकप्रियता उनकी विश्वसनीयता, बेहतर माइलेज और कम रखरखाव लागत के कारण बनी हुई है।
कम बजट में हैचबैक बनी पहली पसंद
यदि किसी खरीदार का बजट 5 लाख रुपये से कम है, तो उसके लिए सेकंड हैंड बाजार में सबसे अधिक विकल्प हैचबैक कारों के रूप में उपलब्ध हैं। कम कीमत, बेहतर माइलेज, आसान ड्राइविंग और कम मेंटेनेंस लागत के कारण यह सेगमेंट सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज कर रहा है।
3 से 5 साल पुरानी SUV की सबसे ज्यादा डिमांड
प्री-ओन्ड SUV बाजार में 5 लाख से 12 लाख रुपये की कीमत वाली गाड़ियों की मांग सबसे अधिक है। ग्राहक विशेष रूप से 3 से 5 साल पुरानी SUV खरीदना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इनमें आधुनिक फीचर्स, बेहतर सुरक्षा और भरोसेमंद प्रदर्शन मिलता है।
इंडस्ट्री अनुमान के अनुसार, 3 से 5 वर्ष पुरानी कारें पूरे यूज्ड कार बाजार का लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं। कई मामलों में इन वाहनों पर कंपनी की वारंटी भी उपलब्ध रहती है, जिससे ग्राहकों का भरोसा और बढ़ता है।
प्रीमियम SUV की ओर भी बढ़ रहा रुझान
12 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली प्रीमियम SUV की बिक्री संख्या भले ही एंट्री-लेवल मॉडल्स से कम हो, लेकिन इस सेगमेंट का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ग्राहक अब अधिक फीचर्स, बेहतर परफॉर्मेंस और बड़े आकार वाली SUV को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ऑटो उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, प्री-ओन्ड प्रीमियम SUV नई कार की तुलना में कम कीमत पर बेहतर वैल्यू उपलब्ध कराती हैं, जिससे यह खरीदारों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन रही हैं।
आसान फाइनेंसिंग से बढ़ी खरीदारी
संगठित सेकंड हैंड कार प्लेटफॉर्म्स पर आसान लोन सुविधा भी बाजार की तेजी का प्रमुख कारण बनी है। Cars24 के वित्तवर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार, 7 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली 60 प्रतिशत से ज्यादा यूज्ड कारें फाइनेंसिंग के माध्यम से खरीदी जा रही हैं।
डिजिटल लोन, पारदर्शी प्रक्रिया और वारंटी जैसी सुविधाओं ने सेकंड हैंड कार खरीदने को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है।
भारत का सेकंड हैंड कार बाजार लगातार मजबूत हो रहा है। जहां कम बजट वाले खरीदारों के बीच हैचबैक की लोकप्रियता बनी हुई है, वहीं SUV की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। संगठित प्लेटफॉर्म्स, आसान फाइनेंसिंग और बेहतर ग्राहक सेवाओं के चलते आने वाले वर्षों में प्री-ओन्ड कार बाजार के और अधिक विस्तार की संभावना है।












