देहरादून | देहरादून जनपद में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PMAJAY) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹124.94 लाख की जिला कार्ययोजना को जिलाधिकारी ने मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।
योजना के लागू होने के बाद 465 अनुसूचित जाति युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास प्रशिक्षण का सीधा लाभ मिलेगा।
175 युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार के लिए अनुदान
योजना के ग्रांट-इन-एड घटक के तहत 175 बेरोजगार अनुसूचित जाति युवक-युवतियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹87.55 लाख की आर्थिक सहायता (सब्सिडी) उपलब्ध कराई जाएगी।
इस सहायता का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके परिवारों की आय में भी वृद्धि हो सके।
290 युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण
योजना के तहत 290 शिक्षित बेरोजगार युवाओं को वर्तमान बाजार की मांग के अनुरूप रोजगारपरक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण अधिकृत एवं प्रतिष्ठित स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ सकें।
पारदर्शी तरीके से होगा लाभार्थियों का चयन
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति मिलते ही लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव, स्वीकृति मिलते ही शुरू होगी प्रक्रिया
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि कार्ययोजना को अंतिम मंजूरी के लिए शासन एवं भारत सरकार को भेजा जा रहा है। स्वीकृति प्राप्त होने के बाद पात्र युवाओं के चयन, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए अनुदान वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक अनुसूचित जाति युवाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।











