देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। सुबह 10:30 बजे से प्रस्तावित इस कैबिनेट बैठक में कई अहम नीतिगत और विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। आगामी विधानसभा मानसून सत्र के मद्देनजर भी यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मानसून सत्र की तारीख और स्थान पर हो सकती है चर्चा
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तारीख और स्थान को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से तैयार किए गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सकता है।
MBBS डॉक्टरों के लिए 3 साल की सेवा का प्रस्ताव
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है। प्रस्ताव के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेजों से MBBS की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को पर्वतीय क्षेत्रों में कम से कम तीन साल तक सेवा देना अनिवार्य किया जा सकता है।
दरअसल, बॉन्ड के तहत सेवा शुरू करने के बाद कई MBBS डॉक्टर कुछ समय बाद ही पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) में प्रवेश के लिए आवेदन कर देते हैं और उच्च शिक्षा के लिए चले जाते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है। इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तीन साल की अनिवार्य सेवा से संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद डॉक्टरों को निर्धारित सेवा पूरी करने के बाद ही PG के लिए अनुमति दिए जाने का प्रावधान किया जा सकता है।
संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी नजर
प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित मामला भी कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।
परिवहन निगम कर्मचारियों के वेतन पर हो सकता है फैसला
उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को पिछले दो से तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने का मामला भी महत्वपूर्ण है। आगामी त्योहारों को देखते हुए राज्य सरकार परिवहन निगम कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि जारी करने को मंजूरी दे सकती है।
चीनी, फल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर चर्चा संभव
प्रदेश में बढ़ती महंगाई को लेकर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। खासतौर पर चीनी की कीमत, जमाखोरी और फल-सब्जियों के बढ़ते दाम से जुड़े मुद्दे कैबिनेट के सामने आ सकते हैं।
EV Policy और शिक्षकों के तबादले से जुड़े प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में नियोजन विभाग की ओर से तैयार की गई विभिन्न नीतियों पर भी विचार हो सकता है। इनमें EV Policy (Electric Vehicle Policy) से जुड़ा प्रस्ताव अहम माना जा रहा है।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता लाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना है।
इन विभागों के प्रस्तावों पर भी हो सकती है चर्चा
कैबिनेट बैठक में परिवहन, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास समेत कई विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा संभव है। इसके अलावा आलंबन गांव योजना के तहत महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
हालांकि, इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।












