देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के बड़े भू-भाग में की जा रही अवैध प्लॉटिंग और विकास कार्यों के खिलाफ लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने दो दिनों में करीब 200 बीघा भूमि पर अनधिकृत भू-विन्यास, प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और सीमांकन से जुड़े कार्यों को ध्वस्त किया।
एमडीडीए के अनुसार, ग्राम गड़ूल, सूर्यधार और रानीपोखरी क्षेत्र में विशाल मनवाल और कोठारी नाम से जुड़े प्रकरण में करीब 150 बीघा भूमि पर आवश्यक तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बिना भू-विन्यास और अन्य विकास कार्य किए जा रहे थे। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की ओर से स्थल का निरीक्षण कराया गया। जांच में बड़े स्तर पर अनधिकृत विकास गतिविधियां सामने आने के बाद उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई।
एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत सड़क, प्लॉटिंग और अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त किया। प्राधिकरण के मुताबिक इस क्षेत्र में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। 7 जुलाई 2026 को भी अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद हुए निरीक्षण में पहले सामने आए करीब 50 बीघा क्षेत्र के अलावा लगभग 150 बीघा भूमि में भी भू-विन्यास से संबंधित गतिविधियां पाए जाने की बात सामने आई।
इसके अगले दिन बद्रीपुर, धर्मावाला और हरबर्टपुर क्षेत्र में भी एमडीडीए ने बड़ी कार्रवाई की। यहां समीर कुरैशी/भू-स्वामी द्वारा बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के करीब 40 से 50 बीघा क्षेत्र में प्लॉटों का चिन्हीकरण और विकास कार्य किए जाने की जानकारी प्राधिकरण को मिली थी। अभिलेखों की जांच और नियमानुसार सुनवाई के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत प्लॉटिंग तथा उससे जुड़े विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण से स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना भूमि का विकास करना, प्लॉटों का चिन्हीकरण, सड़क निर्माण, सीमांकन अथवा बिक्री के उद्देश्य से कॉलोनी विकसित करना नियमों के अनुरूप नहीं है। प्राधिकरण ने लोगों से भी अपील की है कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित भूमि के दस्तावेज, स्वीकृत ले-आउट/तलपट मानचित्र और एमडीडीए की मंजूरी की जांच जरूर करें।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति भू-विन्यास, प्लॉटिंग और निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों के विपरीत अनधिकृत विकास गतिविधियां सामने आएंगी, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को ऐसी शिकायतों पर त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। गड़ूल-सूर्यधार और बद्रीपुर क्षेत्र में स्थल निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अनधिकृत विकास गतिविधियों की निगरानी जारी है और नियम विरुद्ध कार्य पाए जाने पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।











