मामले की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा मौके पर पहुंचीं। वह घायल कुलसचिव को लेकर कनखल कोतवाली पहुंचीं, जहां से उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग भी मेडिकल प्रक्रिया के लिए पहुंचे।
15 दिन से चल रहा आंदोलन, समझौते के बाद फिर बढ़ा विवाद
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से धरना दे रहे थे। बाद में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए। इस दौरान विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ था।
जानकारी के अनुसार, करीब 15 दिनों से चल रहा आंदोलन शुक्रवार रात आपसी समझौते के बाद समाप्त हुआ था। हालांकि, शनिवार सुबह कुलसचिव और कर्मचारियों के बीच एक बार फिर विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और कुलसचिव के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई।
कुलपति ने दिए CCTV फुटेज जांच के संकेत
कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने बताया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा कुलसचिव के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थीं।
कुलपति के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाएगी, जिससे घटना के संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। घायल कुलसचिव को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस को लिखित शिकायत का इंतजार
कनखल कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कुलसचिव को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। शिकायत मिलने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयान जांच में अहम हो सकते हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल
कर्मचारियों के आंदोलन के समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद सामने आई इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तनाव को फिर उजागर कर दिया है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और मारपीट की घटना में कौन-कौन शामिल था।














