बताया जा रहा है कि संजय गुप्ता रात के समय बाथरूम में गिर गए थे। सुबह तक घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में जब इस बारे में पता चला तो उन्हें मृत पाया गया। मामले में वर्सोवा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में फिलहाल किसी साजिश या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
‘आतिश’ से शुरू हुआ था फिल्म निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। संजय दत्त और आदित्य पंचोली अभिनीत इस फिल्म के जरिए उन्होंने एक्शन और अपराध की दुनिया पर आधारित कहानियों को पर्दे पर पेश करने की अपनी खास शैली दिखाई।
शुरुआती फिल्म से ही उनकी पहचान ऐसे निर्देशक के रूप में बनने लगी, जिनकी फिल्मों में दमदार एक्शन, प्रभावशाली संवाद और अलग तरह का सिनेमाई अंदाज देखने को मिलता था।
‘कांटे’ ने दिलाई अलग पहचान
संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में वर्ष 2002 में रिलीज हुई ‘कांटे’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने इस फिल्म का निर्देशन करने के साथ इसका निर्माण भी किया था।
फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार नजर आए थे। अपराध और लूट की कहानी पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता मिली। समय के साथ ‘कांटे’ ने कल्ट फिल्म के रूप में अपनी पहचान बनाई।
अंडरवर्ल्ड और एक्शन फिल्मों के रहे चर्चित निर्देशक
संजय गुप्ता ने अपने फिल्मी करियर में कई ऐसी फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया, जिनमें मुंबई के अपराध जगत, गैंगवार और एक्शन को प्रमुखता से दिखाया गया।
वर्ष 2004 में आई ‘मुसाफिर’, 2013 में रिलीज हुई ‘शूटआउट एट वडाला’ और 2021 की ‘मुंबई सागा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। वहीं, वर्ष 2007 में आई ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से भी वह निर्माता के तौर पर जुड़े रहे।
उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया को बड़े पर्दे पर पेश करने का एक अलग अंदाज देखने को मिलता था। तेज रफ्तार कहानी, दमदार एक्शन और प्रभावशाली दृश्य उनकी फिल्म निर्माण शैली की खास पहचान रहे।
‘काबिल’ से दिखाई निर्देशन की दूसरी शैली
संजय गुप्ता ने सिर्फ गैंगस्टर और क्राइम फिल्मों तक ही अपने काम को सीमित नहीं रखा। वर्ष 2017 में ऋतिक रोशन अभिनीत फिल्म ‘काबिल’ का निर्देशन कर उन्होंने एक अलग तरह की एक्शन और रिवेंज थ्रिलर कहानी दर्शकों के सामने रखी।
इस फिल्म को भी दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके अलावा उनके प्रोडक्शन हाउस ‘व्हाइट फेदर फिल्म्स’ के जरिए कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स का निर्माण किया गया।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक, प्रशंसकों ने दी श्रद्धांजलि
संजय गुप्ता के निधन की खबर से हिंदी सिनेमा जगत में शोक का माहौल है। फिल्म निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। खासतौर पर क्राइम और एक्शन फिल्मों को लेकर उनकी अलग पहचान रही।
उनकी बनाई फिल्मों के जरिए वह दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किए जाएंगे। फिलहाल उनके निधन से जुड़ी विस्तृत जानकारी और अंतिम संस्कार के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।













