देहरादून/नई दिल्ली: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अंकिता के माता-पिता और विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के इंडिया गेट पर रातभर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से मामले के कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोकने की मांग की। गुरुवार तड़के दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर तब तक रोक लगाई जाए, जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती। अंकिता के परिजनों ने केंद्र सरकार से इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही इस नियुक्ति को लेकर अंकिता के परिजनों की आपत्ति सामने आई है। हालांकि, इस मामले में कथित वीआईपी एंगल से जुड़े आरोपों और दावों की जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट होना अभी भी महत्वपूर्ण है।
मां का ऐलान—नियुक्ति रद्द होने तक जारी रहेगी लड़ाई
इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान अंकिता की मां ने स्पष्ट कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की जाती, तब तक वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें सार्वजनिक स्थान पर धरना देने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो वह अपने घर में ही भूख हड़ताल करेंगी।
अंकिता की मां के इस रुख से साफ है कि परिवार कथित वीआईपी एंगल की जांच और नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने के पक्ष में है।
पिता ने केंद्र सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
रातभर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया, फिर किया रिहा
दिल्ली के इंडिया गेट पर रातभर चले प्रदर्शन के बाद गुरुवार तड़के पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता भी शामिल हुए और अंकिता के परिवार की मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय और कथित वीआईपी एंगल की जांच का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड की 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद कथित वीआईपी एंगल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अंकिता के परिजन मामले की जांच को लेकर अपनी मांग जारी रखे हुए हैं।
परिवार का कहना है कि कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए। अब इस मामले में केंद्र सरकार का रुख और परिजनों की मांग पर आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग ने एक बार फिर उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। परिजन अपनी मांगों पर अडिग हैं और अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।













