07 मार्च तक सभी प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
देहरादून, 05 मार्च 2025 (सू.वि.) – प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम का असर अब प्रत्यक्ष रूप से दिखने लगा है। फरियादियों को न्याय मिलने के साथ ही आम जनता का प्रशासन और सरकार पर विश्वास भी बढ़ रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं जनसमस्याओं की समीक्षा कर रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों पर दबाव बना है और अधिकारी सक्रिय हुए हैं।
इस बार के जनता दर्शन में आए श्रम विभाग से जुड़े तीन प्रमुख मामलों पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए सहायक श्रमायुक्त का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए और 07 मार्च तक सभी प्रकरणों के समाधान का आदेश दिया। इसका असर यह हुआ कि श्रम विभाग तुरंत हरकत में आया और लंबित मामलों पर कार्यवाही शुरू कर दी।
श्रम विभाग से जुड़े मुख्य प्रकरणों का त्वरित समाधान
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श्रम कार्ड नवीनीकरण एवं आर्थिक सहायता में देरी
- डोईवाला में श्रम कार्ड नवीनीकरण एवं आर्थिक सहायता आवेदन लंबित होने पर डीएम ने श्रम विभाग को 07 मार्च तक सभी आवेदन निस्तारित करने के निर्देश दिए। श्रम प्रवर्तन अधिकारी/पंजीकरण अधिकारी को स्थलीय जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा गया।
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मजदूरी विवाद का समाधान
- एक भवन स्वामी द्वारा मजदूरी भुगतान में देरी और श्रमिकों के उपकरण जब्त करने के मामले में डीएम के निर्देश पर श्रम विभाग ने श्रमिकों के उपकरण वापस दिलवाने के साथ-साथ मजदूरी भुगतान की सहमति दोनों पक्षों से कराई।
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विधवा महिला को आर्थिक सहायता दिलाने का निर्देश
- ऋषिकेश निवासी एक महिला, जिनके पति का निधन जनवरी 2024 में हुआ था, उन्हें श्रम विभाग से मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए भटकाया जा रहा था। इस पर डीएम ने 07 मार्च तक प्रकरण निस्तारित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया।
सड़क मुआवजा वितरण और निर्माण कार्यों पर भी डीएम की सख्ती
जनता दर्शन में सड़क मुआवजा वितरण एवं सड़क निर्माण को लेकर शिकायतें भी सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिशासी अभियंता को कड़े निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।
जनमानस को बेवजह चक्कर न लगवाएं, वरना होगी सख्त कार्रवाई – डीएम
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनमानस को बेवजह परेशान करने और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।










