देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों में संचालित मेस की रकम में करीब 95 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि मेस के मैनेजर ने छात्रों से भोजन शुल्क कंपनी के अधिकृत बैंक खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खाते में जमा कराया। मामला सामने आने के बाद पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान अतीक अहमद के रूप में हुई है। आरोप सामने आने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है और उसका मोबाइल फोन भी बंद है।
दून मेडिकल कॉलेज के दो छात्रावासों में मेस संचालन का था जिम्मा
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, निशांत यादव एसोसिएट्स को दून मेडिकल कॉलेज के देहराखास स्थित पुरुष और महिला छात्रावासों में मेस संचालन का ठेका मिला था। इसके लिए फर्म और कॉलेज के बीच 1 दिसंबर 2023 को अनुबंध हुआ था।
मेस में छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही रोजाना के संचालन और शुल्क वसूली की जिम्मेदारी फर्म की ओर से नियुक्त मैनेजर अतीक अहमद को दी गई थी।
कम शुल्क में खाना देने का दिया भरोसा
आरोप है कि मैनेजर ने छात्रों से संपर्क कर उन्हें कम कीमत में भोजन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद छात्रों से मेस शुल्क कंपनी के अधिकृत खाते में जमा कराने के बजाय कथित तौर पर अपने निजी बैंक खाते में मंगवाना शुरू कर दिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि लंबे समय तक मेस की आय और भुगतान से संबंधित जानकारी को लेकर उन्हें गुमराह किया जाता रहा। इस वजह से वास्तविक लेनदेन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
सिर्फ 7.98 लाख रुपये का भुगतान मिलने पर खुला मामला
मेस के भुगतान को लेकर स्थिति तब संदिग्ध हुई, जब कॉलेज प्रशासन की ओर से अप्रैल में फर्म को 7.98 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद मेस संचालक ने शुल्क और भुगतान का मिलान कराया तो बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता की आशंका हुई।
जांच के दौरान आरोप सामने आया कि छात्रों से मेस शुल्क के रूप में बड़ी रकम वसूली गई, लेकिन उसका पूरा भुगतान संबंधित फर्म को नहीं मिला।
जांच में करीब 95 लाख रुपये का कथित गबन
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बैंक लेनदेन और उपलब्ध हिसाब-किताब की पड़ताल के बाद करीब 95 लाख रुपये की राशि का मामला सामने आया। आरोप है कि यह रकम मेस संचालन से संबंधित थी, जिसे कंपनी के खाते में जमा कराने के बजाय आरोपी ने अपने निजी बैंक खाते में प्राप्त किया।
हालांकि, कथित गबन की वास्तविक रकम और लेनदेन की पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रकम का पता चला तो आरोपी हुआ फरार
मामला सामने आने के बाद आरोपी मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। शिकायत के अनुसार, वह अपने निवास स्थान से भी गायब है।
मेस संचालक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोपी पर विश्वासघात, धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का आरोप लगाया है।
पुलिस खंगालेगी बैंक खातों का रिकॉर्ड
पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर अतीक अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद गुसांई ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।
अब पुलिस जांच में छात्रों से वसूली गई कुल रकम, बैंक खातों में हुए लेनदेन और कथित तौर पर निजी खाते में पहुंची राशि का सत्यापन करेगी। आरोपी की तलाश के साथ बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेज भी जांच का हिस्सा होंगे।











