केदारताल क्षेत्र में तैनात एसडीआरएफ टीम ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से कंट्रोल रूम को अपने सभी सदस्यों के सुरक्षित होने की सूचना दी। इसके बाद टीम बृहस्पतिवार सुबह 8:45 बजे निर्धारित सर्चिंग क्षेत्र की ओर रवाना हुई। रेस्क्यू अभियान के दौरान टीमों को मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब तक चार ट्रैकरों के शव बरामद
केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद आठ ट्रैकर लापता हो गए थे। उनकी तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अब तक चार ट्रैकरों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
मंगलवार को सर्च अभियान के दौरान दो शव मिले थे, जबकि बुधवार को दो और शव बरामद हुए। चारों शवों को बुधवार को हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारताल क्षेत्र से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके बाद शिनाख्त और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
लखनऊ की दो सगी बहनों की पहचान
जिला अस्पताल पहुंचाए गए चार शवों में दो पुरुषों और दो महिलाओं के शव शामिल हैं। दोनों महिला ट्रैकरों की पहचान लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी सगी बहनों दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा के रूप में हुई है। उनके भाई अतुल वर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर दोनों की पहचान की।
वहीं, बरामद हुए दोनों पुरुष ट्रैकरों के शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। परिजनों के उत्तरकाशी पहुंचने के बाद उनकी शिनाख्त की जाएगी।
मौसम बना रेस्क्यू अभियान में चुनौती
बुधवार दोपहर बाद केदारताल क्षेत्र में मौसम बिगड़ने और बर्फबारी शुरू होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। लगातार बर्फबारी और दुर्गम रास्तों के चलते खोज अभियान में जोखिम बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार, लापता चार लोगों की तलाश के लिए बृहस्पतिवार को अभियान दोबारा शुरू किया गया है। रेस्क्यू टीमों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिस्थितियों के अनुरूप अभियान संचालित किया जा रहा है।
फिलहाल केदारताल क्षेत्र में लापता चार ट्रैकरों की तलाश जारी है। मौसम की चुनौती के बीच रेस्क्यू टीमें संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रही हैं।












