Saturday, September 5, 2026
  • About
  • Contact
  • Home
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट
No Result
View All Result
No Result
View All Result

बिग ब्रेकिंग : दून विश्वविद्यालय में धड़ल्ले से चल रही नियुक्तियों में गड़बड़ियां

July 2, 2022
in राजनीती
बिग ब्रेकिंग : दून विश्वविद्यालय में धड़ल्ले से चल रही नियुक्तियों में गड़बड़ियां
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून:  उत्तराखंड क्रांति दल ने लंबे समय से दून विश्वविद्यालय में चली आ रही गड़बड़ियों को लेकर अब आक्रमक रुख अपना लिया है।

 यूकेडी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राजनितिक हस्तक्षेप के कारण दून विश्वविद्यालय का बेड़ा गरक हो गया है और अब यूकेडी इन गड़बड़ियों को दूर करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।

You might also like

पहले लगाई रोक, फिर वापस लिया आदेश! छात्रों के मुद्दे पर क्यों पलटी सरकार?

बड़ी खबर : श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी ने थामा भाजपा का दामन, 10 पार्षद भी हुए पार्टी में शामिल

नितिन नवीन की टीम में बड़ा उलटफेर! इन नेताओं को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी

 यूकेडी नेता सेमवाल ने कहा कि गड़बड़ियों की शिकायत को लेकर पहले श्रीमान मुख्य सचिव और महामहिम राज्यपाल को अवगत कराया जाएगा तथा 15 दिन के अंदर कोई कार्यवाही शुरू न होने पर  हाई कोर्ट का  दरवाजा खटखटाया जाएगा।

यूकेडी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने  कहा कि दून विश्वविद्यालय एचएनबी विश्वविद्यालय की कार्बन कॉपी बनकर रह गया है। यहां पर कुलपति से लेकर कुलसचिव और प्रोफ़ेसर तक एचएनबी विश्वविद्यालय श्रीनगर से तैनात किए जा रहे हैं और इनकी तैनाती के पीछे योग्यता के बजाय मित्रता, जान पहचान तथा राजनीतिक पृष्ठभूमि को प्राथमिकता दी जा रही है।

 यूकेडी नेता सेमवाल ने आरोप लगाया कि राजनीति के चलते विश्वविद्यालय को मिलने वाली रूसा की ग्रांट  पिछली बार भी ठीक से खर्च नहीं हो पाई और  ₹20करोड़ की  ग्रांट इस बार लैप्स हो गई है।

 सेमवाल ने कहा कि जिन प्रोफेसरों के अपने शोध यूजीसी केयर में प्रकाशित नहीं हो पा रहे हैं वह भला छात्रों को क्या पीएचडी करवाएंगे। यही कारण है कि नैक में विश्व विद्यालय की रैंकिंग लगातार  पिछड़ती जा रही है।

 यूकेडी नेता शिवप्रसाद सेमवाल ने अंग्रेजी तथा कंप्यूटर साइंस जैसे विभाग में सहायक प्राध्यापक  की नियुक्तियों में भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन विभागों में तैनात प्राध्यापक भी न्यूनतम अहर्ता पूरी नहीं करते लेकिन  मित्रता के चलते इनको गढ़वाल यूनिवर्सिटी से लाकर यहां पर तैनात कर दिया गया है।

 सेमवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में हो रही तमाम नियुक्तियां भ्रष्टाचार की शिकार है।

सेमवाल ने कहा कि दून विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2005 में उत्तराखंड राज्य में उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मापदंडों और गुणवत्ता के मानकों के संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से की गई थी।

 इसका उद्देश्य दून विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा एवं शोध का एक उत्कृष्ट केंद्र बनाकर राज्य से उच्च शिक्षा के लिए दूसरे प्रदेशों में इसका उद्देश्य दून विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा एवं शोध का एक उत्कृष्ट केंद्र बनाकर राज्य से उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे छात्रों को राज्य में शिक्षा प्राप्त करवाना था लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज 15 वर्ष पूर्ण होने के बाद दून विश्वविद्यालय अपनी पहचान बनाने में सफल नहीं हो पाया है।

 इसके पीछे जो मुख्य कारण है वह यहां पर विभिन्न पदों और स्तर पर हो रही भर्तियों में प्रचलित भ्रष्टाचार है। विश्वविद्यालय के कुलपति न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ना रखने के बावजूद नियुक्ति पाते रहे हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं।

 इसी तरह से इस विश्वविद्यालय के कुलसचिव की अवैध नियुक्ति का प्रकरण भी माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है।

 अध्यापकों की नियुक्ति एवं प्रमोशन के प्रकरण भी विश्वविद्यालय की कार्य समिति के समक्ष विचाराधीन है लेकिन पहले की गलतियों से सबक न लेते हुए वर्तमान कुलपति ने भी वर्ष 2021 में सहायक प्राध्यापकों के पद पर जिन व्यक्तियों की नियुक्ति की है वह भी पूर्ण रूप से अवैध है क्योंकि इन भर्तियों में भी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा बताई गई न्यूनतम  मानकों की जानबूझकर अनदेखी की गई है।

 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 2018 नियमावली में यह स्पष्ट रूप से वर्णित है कि विश्वविद्यालय में सह प्राध्यापक के पद पर नियुक्त होने के लिए न्यूनतम अहर्ता तीन मुख्य मुखिया मानक हैं।

 पहला उनको उस विषय में पीएचडी की उपाधि होनी चाहिए।

  दूसरा विद्यालय अथवा विश्व विद्यालय में पठन-पाठन का 8 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।

 इसके अलावा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अनुशंसित यूजीसी केयर मे बताए गए शोध पत्रों में कम से कम 7 शोध पत्र प्रकाशित होने चाहिए लेकिन विश्वविद्यालय में कई ऐसे सह प्राध्यापक शामिल हैं जो  यूजीसी की न्यूनतम अर्हता को भी पूरी नहीं करते।

 उन्होंने अपने शोध पत्रों को भी लोकल पत्र-पत्रिकाओं में छपवाए हुए हैं जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कई बार नोटिस जारी कर चुका है कि यूजीसी केयर में बताए गए जर्नल्स के अलावा कहीं भी दूसरी जगह छपवाए गए शोध मान्य नहीं होंगे।

 यूजीसी ने 16 सितंबर 2019 को जारी अपने पब्लिक नोटिस में साफ कह रखा है कि यदि यूजीसी केयर के अलावा कहीं दूसरी जगह प्रकाशित शोध जर्नल के आधार पर कोई नियुक्ति प्रमोशन क्रेडिट एलॉटमेंट अथवा रिसर्च डिग्री अवार्ड होती है तो इसके लिए कुलपति, सलेक्शन कमेटी, स्क्रीनिंग कमेटी और रिसर्च सुपरवाइजर जिम्मेदार होंगे।

बहरहाल उत्तराखंड क्रांति दल तापमान बना दिया है कि यदि 15 दिन के भीतर कार्यवाही नहीं होती तो इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

प्रेस वार्ता में शिव प्रसाद सेमवाल, सुलोचना ईष्टवाल, कस्बी लाल शाह,विवेक और राजेंद्र गुसाईं आदि शामिल थे।

Tags: latest Uttarakhand politics news Hindi samachartoday's latest Uttarakhand politics newsUttarakhand broadcast news in Hindi
Previous Post

बड़ी खबर: डीआईजी ने किए तबादले। इंस्पेक्टरों ने मंत्रियो की सोर्स से रुकवाए

Next Post

बड़ी खबर: उत्तराखंड सरकार के प्रमुख सचिव ने पूरे प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के दिए आदेश

Seemaukb

Seemaukb

Hi, I’m Seema Rawat, a passionate journalist and blogger. I’ve been writing for a long time on a variety of topics including sports, technology, finance, government jobs, health, and wealth. Through my articles and blogs, I aim to share reliable information, practical insights, and inspiring stories that help readers stay informed and empowered.

Related Posts

पहले लगाई रोक, फिर वापस लिया आदेश! छात्रों के मुद्दे पर क्यों पलटी सरकार?
राजनीती

पहले लगाई रोक, फिर वापस लिया आदेश! छात्रों के मुद्दे पर क्यों पलटी सरकार?

by Seemaukb
August 19, 2026
बड़ी खबर : श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी ने थामा भाजपा का दामन, 10 पार्षद भी हुए पार्टी में शामिल
राजनीती

बड़ी खबर : श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी ने थामा भाजपा का दामन, 10 पार्षद भी हुए पार्टी में शामिल

by Seemaukb
August 19, 2026
Next Post
बड़ी खबर: उत्तराखंड सरकार के प्रमुख सचिव ने पूरे प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के दिए आदेश

बड़ी खबर: उत्तराखंड सरकार के प्रमुख सचिव ने पूरे प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के दिए आदेश

Categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • देश-दुनिया
  • नौकरी
  • बाजार समाचार
  • मनी और निवेश
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Recommended

डीएम सविन बंसल की सख्ती, सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

डीएम सविन बंसल की सख्ती, सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

September 8, 2025
ब्रेकिंग: पढ़िए कैबिनेट के अहम फैसले

बड़ी खबर: उत्तराखंड कैबिनेट बैठक आज ।इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर लग सकती हैं मोहर

May 3, 2023

Don't miss it

सड़कों पर आवारा पशु दिखे तो खैर नहीं! DM ने कसा शिकंजा, मालिकों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
उत्तराखंड

सड़कों पर आवारा पशु दिखे तो खैर नहीं! DM ने कसा शिकंजा, मालिकों पर भी होगी सख्त कार्रवाई

September 5, 2026
Kia Carnival Hybrid: एक कार में पूरा परिवार, हाइब्रिड इंजन से घटेगा खर्च; फीचर्स भी हैं लग्जरी
टेक न्यूज़

Kia Carnival Hybrid: एक कार में पूरा परिवार, हाइब्रिड इंजन से घटेगा खर्च; फीचर्स भी हैं लग्जरी

September 5, 2026
LPG Cylinder Price: घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल सिलेंडर ने दिया झटका
देश-दुनिया

LPG Cylinder Price: घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल सिलेंडर ने दिया झटका

September 5, 2026
हादसा: लॉरी से टकराई कार, 8 इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत
हादसा

हादसा: लॉरी से टकराई कार, 8 इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत

September 5, 2026
AI बताएगा फसल का रोग, ऐप दिखाएगा बाजार! CM धामी ने लॉन्च किया किसानों का ‘डिजिटल हथियार
उत्तराखंड

AI बताएगा फसल का रोग, ऐप दिखाएगा बाजार! CM धामी ने लॉन्च किया किसानों का ‘डिजिटल हथियार

September 4, 2026
त्यूणी में ‘सस्ती मिठाई’ का खेल! 100-150 रुपये किलो में खरीद, 400 में बिक्री
उत्तराखंड

त्यूणी में ‘सस्ती मिठाई’ का खेल! 100-150 रुपये किलो में खरीद, 400 में बिक्री

September 4, 2026
Uttarkhand Brodcast Logo

Uttarakhand Broadcast

Uttarakhand Broadcast एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जहाँ आपको उत्तराखंड, भारत और दुनिया भर की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, शिक्षा और स्थानीय अपडेट्स सबसे पहले और सटीक जानकारी के साथ मिलते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाना है।

Recent Posts

  • सड़कों पर आवारा पशु दिखे तो खैर नहीं! DM ने कसा शिकंजा, मालिकों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
  • Kia Carnival Hybrid: एक कार में पूरा परिवार, हाइब्रिड इंजन से घटेगा खर्च; फीचर्स भी हैं लग्जरी
  • LPG Cylinder Price: घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल सिलेंडर ने दिया झटका

Browse by categories

  • Uncategorized
  • उत्तराखंड
  • एंटरटेनमेंट
  • क्राइम
  • क्रिकेट
  • टेक न्यूज़
  • देश-दुनिया
  • नौकरी
  • बाजार समाचार
  • मनी और निवेश
  • मौसम
  • राजनीती
  • रियल स्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • शिक्षा
  • हादसा
  • हेल्थ

Calendar

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.

No Result
View All Result
  • Home
  • देश-दुनिया
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • नौकरी
  • क्राइम
  • हेल्थ
  • हादसा
  • शिक्षा
  • More
    • एंटरटेनमेंट
    • बाजार समाचार
    • लाइफ स्टाइल
    • रियल स्टेट
    • मौसम
    • मनी और निवेश
    • टेक न्यूज़
    • क्रिकेट

© 2025 - All Right Reserved For Uttarakhand Broadcast Designed By Ashwani Rajput.